दुनियां में ग्रीनशेड कॉफी का एकमात्र स्थान- कर्नाटक का कुर्ग

कर्नाटक के कुर्ग जिसे स्कॉटलैंड ऑफ इंडिया और कर्नाटक के कश्मीर नाम से भी जानते हैं। कुर्ग या कोडागु, कर्नाटक के लोकप्रिय पर्यटन स्‍थलों में से एक है। कूर्ग, कर्नाटक के दक्षिण पश्चिम भाग में पश्चिमी घाट के पास एक पहाड़ पर स्थित जिला है जो समुद्र स्‍तर से लगभग 900 मीटर से 1715 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

यह स्‍थान यहां पाई जाने वाली हरियाली के कारण के प्रसिद्ध है। यहां कॉफी उत्पादन भी खूब होता है। दक्षिण भारत में कॉफी पीने का चलन आम है और दिन-ब-दिन इसकी खपत भी बढ़ रही है। यही वजह है कि बेहतर भविष्य के लिए अब अच्छी जॉब छोड़ कर युवा कॉफी की खेती करने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

कॉफी का पौधा मानसून के पहले रोपित कर दिया जाता है या फिर ठीक मानसून के बाद में पौधे की रोपाई की जाती है। एक पौधे की रोपाई के बाद करीब 2 से 3 वर्ष के अंतराल पर कॉफी का उत्पादन होने लगता है। अगर पौधे की सही से देख की जाए तो लगातार 20 वर्षों तक एक ही पौधे से कॉफी का उत्पादन किया जा सकता है।

पूरी दुनिया में यही एक जगह है, जहां पर शेड ग्रोन कॉफी का उत्पादन किया जाता है और ये जगह कर्नाटक के कुर्ग और चिकमंगलूर हैं। यहां की दो वैरायटी काफी मशहूर है। एक अरेबिका और दूसरी रोबस्टा। यहां की कॉफी भारत ही नहीं विदेशों तक एक्सपोर्ट की जाती है।

(ये लेख निखिलेश मिश्रा जी द्वारा लिखा गया है जो कुशल लेखक और जानकार है जो कि पूर्व सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी भी रह चुके है)

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