संभल में जामा मस्जिद सर्वे: विवाद और तनाव की कहानी

संभल में जामा मस्जिद सर्वे: विवाद और तनाव की कहानी

क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हाल ही में किस तरह का तनाव और विवाद पैदा हो गया? इस लेख में, हम आपको इस पूरे मामले से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। जानिए कैसे एक साधारण सा सर्वे अचानक ही हिंसा और तनाव में बदल गया। इस घटना के पीछे का सच क्या है और आगे क्या होने वाला है? तुरंत पढ़ें और सच्चाई जानें!

जामा मस्जिद सर्वे का इतिहास

19 नवंबर 2023 को, संभल जिले की चंदौसी स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की कोर्ट ने जामा मस्जिद के एडवोकेट कमिश्नर सर्वे का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद, सर्वे टीम जामा मस्जिद पहुंची जिससे तनाव का माहौल पैदा हुआ। इस सर्वे के आदेश को लेकर लोगों में बहुत ही आक्रोश है और पूरे मामले पर सवालिया निशान भी।

पहला सर्वे और तनाव

कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार मंगलवार को सर्वे करने के लिए टीम पहुंची थी, लेकिन विरोध प्रदर्शन के चलते सर्वे को रोकना पड़ा। हालांकि, टीम द्वारा सर्वे शुरू किये जाने की खबर फैलते ही लोगों में आक्रोश बढ़ गया, और जगह जगह विरोध प्रदर्शन हुए।

दूसरा सर्वे और हिंसा

सुबह साढ़े सात बजे सर्वे की टीम दूसरी बार जामा मस्जिद के अंदर दाखिल हुई। करीब एक घंटे तक हालात सामान्य थे। अचानक भीड़ आ गई और पुलिस के बीच बहस हो गई। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, परन्तु परिस्थितियाँ हाथ से निकल गई और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। पुलिस को भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान जमकर धक्का-मुक्की और पत्थरबाजी हुई, जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस घटना में कई लोग घायल भी हुए हैं।

विवाद के कारण

इस विवाद के पीछे मुख्य वजह है याचिकाकर्ता अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन का दावा कि जामा मस्जिद वास्तव में एक प्राचीन मंदिर था जिसे बाबर ने तुड़वाकर मस्जिद बनवाया था। उन्होंने कोर्ट में कहा कि सम्भल में हरिहर मंदिर आस्था का केंद्र है और यहाँ कल्कि अवतार का होना है। यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित क्षेत्र है। इसी आधार पर अदालत ने सर्वे का आदेश दिया है।

धार्मिक भावनाएँ और तनाव

यह मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा होने के कारण स्थिति और जटिल हो गई है। दोनों पक्षों के बीच तनाव है और यह मामला अब देश के अन्य हिस्सों तक भी पहुंच गया है। लोगों में असुरक्षा की भावना और गुस्सा है और तनाव बना हुआ है।

आगे क्या होगा?

इस घटना के बाद प्रशासन ने संभल में सुरक्षा बढ़ा दी है। लेकिन क्या सर्वे आगे बढ़ पाएगा या इसे रोक दिया जाएगा यह अभी भी स्पष्ट नहीं है। अदालत की आगे की कार्रवाई ही स्थिति को स्पष्ट करेगी।

शांति और सौहार्द की आवश्यकता

ऐसे समय में जब देश में धार्मिक तनाव बढ़ रहा है, इस तरह की घटनाएँ और चिंताजनक हैं। ऐसे में शांति और सौहार्द बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। दोनों पक्षों को आपसी बातचीत और समझदारी से काम लेना होगा और कोई भी ऐसी घटना जिससे और अधिक तनाव हो उसे रोकना होगा।

Take Away Points

  • संभल में जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर बड़ा विवाद और हिंसा हुई है।
  • कोर्ट के आदेश पर सर्वे किया जा रहा है।
  • विवाद की जड़ में याचिकाकर्ता का दावा है कि जामा मस्जिद मूल रूप से मंदिर था।
  • इस घटना से धार्मिक तनाव बढ़ गया है और शांति बनाए रखने की आवश्यकता है।
  • आगे की कार्रवाई अदालत करेगी।

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