डेस्क। पाकिस्तान की जेल (Pakistan Jail) में 32 साल तक बंद रहने के बाद भारतीय शख्स कुलदीप कुमार यादव (Kuldeep Kumar Yadav) अब भारत (India) लौट कर आए हैं। वहीं इस दौरान उन्हें जेल में बहुत सी यातनाओं का सामना भी करना पड़ा है लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी हिम्मत नहीं हारी।
पाकिस्तान एजेंसियों (Pakistani Agencies) द्वारा 1994 में उन्हें जासूसी के आरोप में भी गिरफ्तार किया था।। जिसके बाद से पाकिस्तान की अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा दी थी। वहीं अब पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट (Pakistan Supreme Court) ने पिछले हफ्ते 59 वर्षीय कुलदीप यादव को रिहा करने का आदेश दिया जिसके बाद वह अब भारत लौटे हैं।
आपको यह भी बता दें कि कुलदीप कुमार यादव का परिवार 1972 में अहमदाबाद शिफ्ट हो गया था और उन्होंने पहली से सातवीं तक की पढ़ाई देहरादून से की जिसके बाद वो 12वीं कक्षा में अहमदाबाद आ गए। और उन्होंने एलएलबी तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कई बार नौकरी पाने की कोशिश भी की। पर तभी कुछ लोगों ने उन्हें देश के लिए काम करने के ऑफर के साथ ही संपर्क किया।
बता दें जिसके बाद कुलदीप ने बताया कि साल 1992 में उसे पाकिस्तान भेजा गया था और करीब दो साल पाकिस्तान में रहने के बाद उसने साल 1994 में वापस लौटने की योजना बनाई पर पाकिस्तान एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश कर सजा सुना दी।
बता दें कि पाकिस्तान की जेलों में अभी भी 28 भारतीय बंद हैं, जिनमें चार से पांच महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने यह बताया है कि पाकिस्तानी जेल में जीवन नरक से भी खराब हो जाता है। वहां भारतीय कैदियों को तरह-तरह की यातनाएं सहनी पड़ती हैं। जिसके बाद कुलदीप कुमार यादव ने सरकार से जल्द से जल्द पाकिस्तानी जेल में बंद उन 28 लोगों की रिहाई की मांग भी रखी है।
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