पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे हथियारों की अवैध फैक्ट्री चल कैसे रही थी।दरअसल, मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में हथियार बनाने की यह फैक्ट्री चोरी छुपे चलाई जा रही थी। इस फैक्ट्री में बनने वाले तमंचे 1500 से 5000 तक बेचे जाते हैं। साथ ही पिस्टल 22 से 30 हजार तक बिक जाती है। ग्राम प्रधानी और पंचायत चुनाव को लेकर अवैध हथियारों की भारी डिमांड रहती है। ऐसे में इस कारखाने में काम धड़ल्ले से चल रहा था।
एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने सबसे पहले टीपी नगर के मलियाना में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। जहां से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।इन्हीं की निशानदेही पर ब्रह्मपुरी में भी छापेमारी की गई। जिसके बाद लिसाड़ी गेट और किठौर के गांव राधना में मेरठ पुलिस ने छापा मारा। यहाँ भारी मात्रा में अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया है।
अहम बात यह है कि अवैध हथियारों क्या यह गोरखधंधा एक लीगल व्यापार की तरह चलाया जा रहा था इसके लिए बकायदा होलसेलर बनाया गया था। जो फैक्ट्री से अवैध हथियार खरीद कर फुटकर हथियार सप्लायर को बेचता था।
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