कोरोना महामारी (Coronavirus In India) की दूसरी लहर कमजोर पड़ रही है और केंद्र सरकार आशंकित तीसरी लहर के असर को कम करने के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination in India) में तेजी लाने की योजना में लगी है. इन सबके बीच मंगलवार को राहुल गांधी ने कोरोना के प्रबंधन और नियंत्रण के मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी किया, जिसमें दूसरी लहर के दौरान हुई मौतों को सरकार की नाकामी बताई गई. हालांकि राहुल गांधी ने साफ किया कि ये श्वेत पत्र सरकार पर निशाना साधने के लिए नहीं, बल्कि आशंकित तीसरी लहर की तैयारी को लेकर सरकार को सुझाव देने के लिए है.
दूसरी ओर राहुल गांधी के श्वेत पत्र पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने न्यूज़18 से बात करते हुए कहा कि ‘राहुल गांधी हमेशा देश मव भ्रम फैलाने का काम करते हैं इसलिए उन्हें कोई गंभीरता से नही लेता. राहुल गांधी कोई अच्छा सुझाव दे तो क्यों नही सरकार क्यों नही मानेगी, लेकिन ये जनता को गुमराह करने का काम करते हैं.’
वैक्सीनेशन में भी तेजी लाई जा रही- चौबे
चौबे ने कहा, ‘राहुल को भारतीय चश्मे से देखना चाहिए की सरकार ने कोरोना में गरीबों को कितनी सहायता दी है. हर गरीब के अकाउंट में पैसे पहुँचे हैं. हर घर तक राशन पहुँचाया गया है. रही बात वैक्सिनेशन की तो कल एक दिन में 86 लाख वैक्सीन लगाए गए.’
भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी को लोगों को गुमराह करने के बजाय लोगों में वैक्सीन लगाने को लेकर जागरुकता फैलानी चाहिए. ताकि इस वैश्विक महामारी को हम मिलकर हरा सके. विपक्षी पार्टी का काम विरोध करना होता है लेकिन इसका ये मतलब नही की हर मुद्दे पर विरोध करे. केंद्र-राज्य सरकार मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ रही है और वैक्सीनेशन में भी तेजी लाई जा रही है.
चिढ़ जाती है कांग्रेस- पात्रा
इसी मुद्दे पर भाजाप प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस वार्ता में कहा कि कोरोना की लड़ाई में जब भी निर्णायक मोड़ आए तब-तब के राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने राजनीति करने की भरसक प्रयास किया है. कहीं न कहीं भारत की कोरोना से इस लड़ाई को डिरेल करने का अथक परिश्रम किया है.उन्होंने दावा किया कि जब भी हिंदुस्तान में कुछ अच्छा होता है और देश अच्छा परफॉर्म करता है, तो कहीं न कहीं कांग्रेसियों को उससे चिढ़ होती है. राहुल गांधी से रुका नहीं जाता और वो प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उस पूरे विषय पर एक प्रश्नचिन्ह लगाने का काम करते हैं.
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