मत्स्य द्वादशी 2024: पूजा विधि, महत्व, कथा और दिव्य उपाय

मत्स्य द्वादशी 2024: क्या आप जानते हैं इस दिन भगवान विष्णु ने कैसे बचाया था धर्म की रक्षा?

भगवान विष्णु के भक्तों के लिए मत्स्य द्वादशी का दिन बेहद खास होता है। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से जुड़ा है। इस दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लेकर दैत्य हयग्रीव का वध किया था और वेदों की रक्षा की थी। क्या आप जानते हैं इस पौराणिक कथा के बारे में? इस लेख में हम आपको मत्स्य द्वादशी की पूजा विधि, महत्व और कथा के बारे में विस्तार से बताएँगे। साथ ही कुछ ऐसे उपाय भी बताएँगे जिनसे आप इस दिन अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं।

मत्स्य द्वादशी पूजा विधि: घर बैठे करें भगवान विष्णु का आशीर्वाद

मत्स्य द्वादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से शुद्ध हो जाएं। साफ़ कपड़े पहनें और पूजा स्थल को साफ़-सुथरा करके उस पर जल से भरे चार कलश स्थापित करें। इन कलशों में पुष्प डालें और इन्हें तिल की खली से ढँक दें। अब भगवान विष्णु की पीली धातु की प्रतिमा स्थापित करें और उन्हें धूप, दीप, फल, फूल और पंचामृत से पूजा करें।

विशेष मंत्रों का जाप करें

पूजा के दौरान ‘ॐ मत्स्यरूपाय नमः’ मंत्र का जाप करने से आपके सभी कष्ट दूर होंगे और भगवान विष्णु आप पर प्रसन्न होंगे। आप इस मंत्र के अलावा अन्य विष्णु मंत्रों का भी जाप कर सकते हैं। ध्यान रखें की पूजा करते वक़्त मन में भक्ति और विश्वास होना बेहद ज़रूरी है।

मत्स्य द्वादशी के दिव्य उपाय: जीवन में प्राप्त करें सफलता और समृद्धि

मत्स्य द्वादशी के दिन कुछ विशेष उपाय करने से आपको जीवन में सफलता और समृद्धि प्राप्त हो सकती है। इन उपायों को करने से आप अपने जीवन में आने वाली कई बाधाओं से बच सकते हैं।

जलाशय में मछलियों को खिलाएँ आटा

इस दिन किसी जलाशय या नदी में जाकर मछलियों को आटे की गोलियाँ खिलाने से आपके कुंडली के दोष दूर होंगे और आपको मानसिक शांति मिलेगी।

रोली और गाय के घी का दीपक जलाएँ

भगवान विष्णु के सम्मुख रोली मिले गाय के घी का दशमुखी दीपक जलाने से आर्थिक संकट दूर होते हैं। ये एक सरल लेकिन बेहद प्रभावशाली उपाय है।

नौकरी या व्यवसाय में आ रही है परेशानी?

यदि आपको नौकरी या व्यवसाय में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो इस दिन भगवान विष्णु पर चढ़ाया हुआ एक सिक्का किसी बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से आपको सफलता प्राप्त होगी।

मत्स्य अवतार की कथा: वेदों की रक्षा कैसे की भगवान विष्णु ने?

कहते हैं एक समय में दैत्य हयग्रीव ने वेदों को चुरा लिया था, जिससे धर्म का नाश होने लगा और अधर्म का बोलबाला हो गया था। सभी देवता इस बात से चिंतित थे। तब भगवान विष्णु ने धर्म की रक्षा के लिए मत्स्य अवतार लिया और दैत्य हयग्रीव का वध करके वेदों को वापस प्राप्त किया। उन्होंने फिर ये वेद भगवान ब्रह्मा को वापस सौंप दिए। इस प्रकार उन्होंने संसार को अधर्म से बचाया और धर्म की रक्षा की।

Take Away Points

  • मत्स्य द्वादशी का पर्व भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से जुड़ा है।
  • इस दिन भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से कई परेशानियां दूर होती हैं।
  • इस दिन किए गए उपाय से आप जीवन में सफलता और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।
  • मत्स्य अवतार की कथा हमें धर्म की रक्षा का संदेश देती है।

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