प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्‍वच्‍छता अभियान, घर-घर इज्‍जत घर (शौचालय) के बाद अब ट्रांसजेंडरों के लिए भी बनेंगे शौचालय 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फावड़ा चला और झाड़ू लगा जिस काशी से स्‍वच्‍छता अभियान की अलख जगाई, वहां घर-घर इज्‍जत घर (शौचालय) के बाद अब ट्रांसजेंडरों के लिए भी शौचालय बनेंगे। वाराणसी उत्‍तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा जहां ट्रांसजेंडरों के लिए अलग शौचालय बनेंगे। इसकी पहल भारतीय महिला बास्‍केटबाल टीम की पूर्व कप्‍तान पद्मश्री प्रशांति सिंह और पूर्व ओलंपियन राहुल सिंह ने की है। दो अक्‍टूबर तक सर्वे के बाद जिला प्रशासन की ओर से जगह उपलब्‍ध कराने पर ट्रांसजेंडर शौचालय निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा।

यह आम शौचालय से अलग होगा। इसका रंग गुलाबी होगा तो मुख्‍य द्वार पर लिखा होगा-‘केवल ट्रांसजेंडर के लिए है’। ऐसे कितने शौचालय बनेंगे यह राष्‍ट्रीय खेल दिवस के दिन यानी 29 अगस्‍त से शुरू होने वाले सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा। खास यह कि वाराणसी खेल संघ के पदाधिकारी और खिलाड़ी पूरे जिले में ट्रांसजेंडर को लेकर सर्वेक्षण करेंगे। इसमें एक क्षेत्र में रहने वाले ट्रांसजेंडरों की संख्‍या के अलावा आयु वर्ग, शिक्षा, धर्म और स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की स्थिति को भी शामिल किया जाएगा।

मैसूर और भोपाल में बन चुके हैं ट्रांसजेंडर शौचालय
पद्मश्री प्रशांति सिंह ने बताया कि ट्रांसजेंडर्स को सार्वजनिक स्‍थलों अक्‍सर दुश्‍वारियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं या फिर पुरुषों के शौचालय का प्रयोग करने पर लोग आपत्ति करते हैं। ऐसे में इनके खास इलाकों में अलग से शौचालय बनाने की योजना है। सुप्रीम कोर्ट भी ट्रांसजेंडरों के लिए अलग शौचालय बनवाने का आदेश दे चुका है। मैसूर और भोपाल में ट्रांसजेंडर शौचालय बन भी चुके हैं।

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