नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने रविवार को कहा कि जो राज्य नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध कर उसे लागू करने से मना कर रहे हैं, वे संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करने का खतरा उठा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक प्रमुख पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करने पर कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों पर निशाना साधा।
कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “विपक्ष भारत की छवि को धूमिल करने का कार्य कर रहा है। जो लोग इस अधिनियम का विरोध कर रहे हैं, वे मुस्लिम विरोधी हैं।”
आरएसएस की मुस्लिम विंग ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ के संरक्षक कुमार ने कहा, “कांग्रेस इस कानून का विरोध कर यह दिखा रही है कि वह मुस्लिम विरोधी है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पंजाब सरकार सिख विरोधी है, अन्यथा ऐसा क्यों है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध कर रही है।
इंद्रेश कुमार ने पूछा, “पंजाब की कांग्रेस सरकार सिख विरोधी है। वह नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध क्यों कर रही है? ”
नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बंग्लादेश से भारत आए हिंदू, पारसी, ईसाई, जैन, बौद्ध और सिख समुदाय के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है।
इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि वह पंजाब में इस कानून को लागू नहीं होने देंगे।
कुमार नई दिल्ली में रविवार को ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ के एक कार्यक्रम ‘जश्न-ए-उपलब्धियां’ में बोल रहे थे। उन्होंने ‘कानून के माध्यम से नए भारत की नींव रखने के लिए’ मोदी सरकार की तारीफ की।
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