विवेक तिवारी हत्याकांड : पोस्टपार्टम रिपोर्ट में पुलिस का एक बड़ा झूठ सामने आया

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लखनऊ । एपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस का एक बड़ा झूठ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुल गया। रिपोर्ट में स्पष्ट है कि शुक्रवार देर रात विवेक तिवारी को गोली ऊंचाई से मारी गई है। गोली या तो कार के बोनट पर चढ़कर मारी गई है या फिर डिवाइडर पर चढ़कर मारी गई थी।

विवेक तिवारी हत्याकांड की कल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुलिस का बड़ा झूठ सामने आ गया। रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया कि सिपाही ने विवेक तिवारी को गोली ऊंचाई से मारी थी। या तो उसने डिवाइडर पर खड़े होकर गोली चलाई या फिर बोनट पर चढ़कर फायर किया। गाड़ी में विवेक तिवारी के साथ मौजूद सना खान ने कल बयान में कहा कि जिस सिपाही ने विवेक पर फायर किया था, वह डिवाइडर पर खड़ा था। उसने सामने से आती हुई कार पर गोली चलाई, जबकि उसकी जान को कोई खतरा नहीं था।

29 की रात राजधानी लखनऊ में एपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एकमात्र चश्मदीद के बयान से पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक विवेक को लगी गोली किसी ऊंची जगह से चलाई गई थी। पूर्व सहकर्मी सना का कहना है कि आरोपी सिपाही ने एक से डेढ़ फुट ऊंचे डिवाइडर पर खड़े होकर गोली मारी ।

शूटआउट के बाद मामले को दबाने में जुटी पुलिस का दावा था कि विवेक तिवारी ने सिपाही को कुचलने का प्रयास किया। जिस पर उसने आत्मरक्षा में फायर किया और गोली विवेक के चेहरे पर लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। पूर्व सहकर्मी के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने लखनऊ पुलिस के अधिकारियों के सफेद झूठ को सामने ला दिया है। सहकर्मी और चश्मदीद सना खान के बयान को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी पुष्ट कर रही है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट है कि विवेक तिवारी पर चली गोली ऊपर से नीचे की दिशा में है। फायर करने वाला व्यक्ति ऊंचाई पर खड़ा था। उसने सीधे निशाना नहीं साधा, बल्कि फायर करते वक्त उसका हाथ नीचे की ओर झुका हुआ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि गोली विवेक की ठोड़ी पर लगी और नीचे की तरफ जाकर गर्दन में फंस गई। वारदात के बाद 29 की रात 2:05 बजे विवेक को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद रात 2:25 पर विवेक की मौत हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फायर आर्म इंजरी का जिक्र किया गया है। गोली लगने के बावजूद पुलिस ने एक्सीडेंट की थ्योरी दी। 3:30 बजे विवेक की पत्नी के अस्पताल पहुंचने के बावजूद 4:57 पर सना से पहली एफआईआर दर्ज करवाई।

विवेक तिवारी को गोली सामने से ऊंचाई से मारी गई क्योंकि विवेक के शरीर में गोली ऊपर से नीचे की ओर गई है। इससे मामले में विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने जो एफआईआर दर्ज कराई थी उसमें भी लिखा है कि सिपाही प्रशांत चौधरी ने गाड़ी के शीशे से अपनी पिस्टल सटाकर गोली मारी। विवेक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पत्नी की एफआईआर देखकर लगता है कि शायद विवेक की गाड़ी के बोनट पर चढ़ के गोली मारी गई, क्योंकि गोली अगर सड़क पर खड़े होकर चलाई गई होती तो वो ऊपर से नीचे नहीं जाती। विवेक तिवारी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, विवेक के चेहरे के बाई तरफ प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारी गई है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक विवेक की औसत बॉडी

– आंखें बंद।

– विवेक का वजन- 74 किलो।

– हाइट -170 सेंटीमीटर।

– मुंह आधा खुला।

– मुंह में ब्लड क्लॉटिंग।

– चिन के बाई तरफ गोली के घाव का निशान।

– घाव का साइज दो सेंटीमीटर लम्बा 1 सेंटीमीटर चौड़ा और मसल्स के अंदर तक।

– विवेक की मौत 29 सितम्बर की रात 2 बज के 25 मिनट पर हुई।

– बुलेट 11 सेंटीमीटर तक धंसी थी।

– विवेक के शरीर मे गोली ऊपर से नीचे की तरफ गई थी।

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