लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के खिलाफ कर रहे प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रदेशभर में करीब 1200 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ धारा-144 के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 60 महिलाओं, प्रयागराज में 300 महिलाओं, इटावा में 200 महिलाओं और 700 पुरुषों पर केस दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद भी लखनऊ के घंटाघर से लेकर प्रयागराज के मंसूर अली पार्क में प्रदर्शन चल रहा है। रायबरेली के टाउनहॉल में भी मुस्लिम महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं।
इस बीच घंटाघर पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के खिलाफ हजरतगंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है।
इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में सीएए के समर्थन में आयोजित रैली में शिरकत करते हुए सीएए के विरोध में धरने पर बैठने वाली महिलाओं के पतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुरुष घरों में रजाई में सो रहे हैं और महिलाएं धरने पर बैठी हैं। महिलाएं कह रही हैं कि पुरुषों ने कह दिया है कि वह अक्षम हो गए हैं।
कानपुर में सीएए की समर्थन रैली को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि शरण में आने वाली की रक्षा करना भारत की परंपरा रही है। जिन अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है उनके लिए कानून है, जो विरोध कर रहे हैं उनके लिए हिंदू, ईसाई और सिख महत्वपूर्ण नहीं हैं। अब कांग्रेस के लिए ईसाई भी महत्वपूर्ण नहीं है, वह कहती है कि आईएसआई के लोग महत्वपूर्ण हैं।
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