आतंकी महिला नसीमा बानो युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराती थी, बेटा था हिज्बुल कमांडर, भाई भी आतंकवादी

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नसीम बानो नाम की एक महिला की गिरफ्तारी को लेकर अपना बयान जारी किया है। उसे युवाओं की भर्ती करने और आतंकवाद संबंधित अन्य गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, इस महिला की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर कई प्रकार की अफवाहें फैलाई जा रही हैं. जिससे इलाके में कानून-व्यवस्था खराब हो सकती है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नसीमा बानो अब्दुल सलाम शेख की बीबी है और रामपोरा काइमोह की रहने वाली है। उसके घर पर 20 जून को छापा मारा गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दक्षिणी कुलगाम में युवाओं को आतंकवादी बनने के लिए प्रेरित करने के आरोप में नसीमा बानो के खिलाफ यूएपीए की धारा 13 बी, 17, 18, 18 बी, 19 और 39 के तहत FIR दर्ज किया गया है।

पुलिस ने कहा कि क्योंकि आरोपी एक महिला है या किसी मारे गए आतंकी की मां है, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है । पुलिस का पहला कर्तव्य उन अपराधियों को गिरफ्तार करना है जो समाज के लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं। क्योंकि लोगों को सुरक्षित महसूस कराना ही हमारा काम है. अगर किसी को हमारे फैसले से आपत्ति है तो उनके पास कोर्ट जाने का रास्ता खुला है।

जानकारी के मुताबिक नसीमा बानो की बंदूक के साथ तस्वीर तब ली गई थी, जब वह दक्षिण कश्मीर के एक ठिकाने पर अपने आतंकवादी बेटे तौसीफ से मिलने गई थी।महिला की एक फोटो भी जारी की गई है, जिसमें वह अपने हाथों में ऑटोमेटिक हथियार लिए दिख रही है। उसके साथ उसका बेटा भी दिख रहा है. जो एक सक्रिया आतंकी था। पुलिस ने गिरफ्तार महिला की जानकारी देते हुए बताया, ‘नसीम बानो, पत्नी- सलाम शेख, निवासी-रामपुर कैमोह को 20 जून 2020 को आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनपर सेक्शन 13 बी, 17, 18, 18 बी, 19, 39 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि महिला को कानून के तहत ही गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद से उसे अनंतनाग की महिला पुलिस स्टेशन में रखा गया है। पुलिस ने बताया, गिरफ्तार महिला गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त थी। तौसीफ की अम्मी होने के साथ ही नसीमा बानो सक्रिय आतंकवादी अब्बास शेख की बहन भी है।

यह फोटो महिला की क्रिमिनल एक्टिविटि दिखाने की एक शुरुआत भर है । वह कई अन्य गंभीर मामलों में भी शामिल थी. उसने दो युवा आतंकियों को संगठन में शामिल करवाया था। इसके अलावा वह आतंकियों को हथियार-गोलाबारूद, कम्युनिकेशन उपकरण समेत अन्य जरूरी सामान मुहैया करवाती थी। पुलिस ने कहा कि सोशल साइट्स पर अफवाह फैलाने वाले सभी मामलों को संज्ञान में लिया गया ।  अगर कोई मामला शांति व्यवस्था खराब करने वाला पाया जाता है तो उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा।

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