31 अक्टूबर 2024 का पंचांग: शुभ और अशुभ समय जानें
क्या आप जानते हैं कि 31 अक्टूबर 2024 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा? क्या इस दिन कोई शुभ काम करने का शुभ मुहूर्त है या कोई अशुभ समय है जिससे आपको बचना चाहिए? अगर नहीं, तो चिंता मत कीजिए। आज हम आपको 31 अक्टूबर 2024 के संपूर्ण पंचांग के बारे में बताएंगे। इस पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय सभी शामिल हैं।
तिथि, नक्षत्र और योग
31 अक्टूबर 2024 को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 03:52 बजे तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि आरंभ होगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र सुबह 12:45 बजे तक रहेगा, जिसके बाद स्वाति नक्षत्र आरंभ होगा। विष्कंभ योग सुबह 09:51 बजे तक रहेगा, इसके बाद पृतिघ्न योग शुरू होगा।
इन तिथि, नक्षत्र और योगों के आधार पर आप अपने कामों की योजना बना सकते हैं।
शुभ और अशुभ योगों का प्रभाव
विष्कंभ योग और पृतिघ्न योग, दोनों का ही जीवन पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। विष्कंभ योग सामान्यतः नये काम आरंभ करने के लिए शुभ नहीं माना जाता, लेकिन अगर पृतिघ्न योग में कोई शुभ कार्य किया जाये, तो वह पूर्णतः सफल हो सकता है। अतः पंचांग की गहन समझ ही आपकी योजना में सफलता की कुंजी है।
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त
सूर्योदय सुबह 06:31 बजे और सूर्यास्त शाम 05:38 बजे होगा। चंद्रोदय 31 अक्टूबर की सुबह 05:20 बजे और चंद्रास्त शाम 04:23 बजे होगा। इन समयों को जानने से आपको दिनचर्या का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है और आपके अभिमानी प्रकृति को नियंत्रित किया जा सकता है।
अशुभ काल
कुछ समय ऐसे भी होते हैं जो अशुभ माने जाते हैं। 31 अक्टूबर को राहु काल दोपहर 01:27 बजे से 02:50 बजे तक, यम गण्ड सुबह 06:32 बजे से 07:55 बजे तक, कुलिक सुबह 09:18 बजे से 10:41 बजे तक और दुर्मुहूर्त सुबह 10:14 बजे से 10:58 बजे तक और दोपहर 02:39 बजे से 03:24 बजे तक रहेगा। इन समयों में कोई भी महत्वपूर्ण काम शुरू न करें।
अशुभ काल से बचने के उपाय
अशुभ काल के प्रभाव से बचने के लिए कुछ उपाय हैं, जैसे की पूजा करना, भगवान का ध्यान लगाना या कोई दान करना। इन अशुभ समयों में धैर्य और शांति बनाये रखना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।
शुभ काल
कुछ शुभ समय भी होते हैं जिनमें किए गए काम सफल होते हैं। 31 अक्टूबर को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:42 बजे से 12:27 बजे तक और अमृत काल शाम 05:32 बजे से 07:20 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:49 बजे से 05:41 बजे तक रहेगा, जो कि आध्यात्मिक अभ्यासों के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
शुभ मुहूर्तों का उपयोग
इन शुभ मुहूर्तों में महत्वपूर्ण काम, जैसे नए काम आरंभ करना, विवाह, मुंडन आदि शुभ कार्य संपन्न कर सकते हैं। ध्यान रखें कि यह सिर्फ़ संभावनाएँ बताते हैं, सफलता के लिए आपकी मेहनत और ईमानदारी भी ज़रूरी हैं।
Take Away Points
- 31 अक्टूबर 2024 का पंचांग आपको दिन के शुभ और अशुभ समयों की जानकारी प्रदान करता है।
- अशुभ काल के समय में महत्वपूर्ण काम करने से बचें और धार्मिक कार्यों को प्राथमिकता दें।
- शुभ मुहूर्तों का उपयोग करके अपने महत्वपूर्ण कार्यों को सफल बनाएँ।
- यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि पंचांग केवल एक मार्गदर्शक है, सफलता आपकी मेहनत और समर्पण पर भी निर्भर करती है।

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