विदेशों में भी दरारें बनी चिंता, क्या बिगड़ गया है धरती का संतुलन

डेस्क। ब्रिटेन को उत्तराखंड के जोशीमठ जैसे संकट का सामना करना पड़ सकता है, बता दें एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि तटीय कटाव के कारण सदी के अंत तक लगभग 600 मिलियन पाउंड मूल्य के हजारों घर समुद्र में समा भी सकते हैं।
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 20 से अधिक जोखिम वाले गांवों का एनालिसिस कर ये अनुमान लगाने की कोशिश की गई कि कितना नुकसान हो सकता है साथ ही बता दें कि रिपोर्ट में यूके में 2200 से अधिक घरों के 2100 तक समुद्र में डूबने की भविष्यवाणी भी की गई है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में कॉर्नवाल, कुम्ब्रिया, डोरसेट, ईस्ट यॉर्कशायर, एसेक्स, आइल ऑफ वाइट, केंट, नॉर्थम्बरलैंड, नॉरफ़ॉक और ससेक्स भी शामिल हैं।
लगातार बढ़ रहा Sea Level
क्लाइमेट एक्शन ग्रुप वन होम की सीईओ एंजेला टेरी ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि पूरी दुनिया में तापमान बढ़ने के कारण समुद्र का स्तर लगातार बढ़ भी रहा है। वहीं इस वजह से बड़ी लहरें गंभीर तूफानों के दौरान हमारे तट से टकराती भी हैं और इस वजह से कुछ चट्टानें तेजी से उखड़ रही हैं और साथ ही हम टाइड को नहीं बदल सकते हैं या पूरे तट के चारों ओर दीवार नहीं बना सकते हैं, इसलिए हमें आने वाले नुकसान की तैयारी के लिए समुंदर के किनारे में बसे लोगों को फौरन हटा भी देना चाहिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि कई मकान मालिक इस बात से अनजान हैं कि उनकी संपत्ति खतरे में है और वर्तमान में उनके लिए कोई मुआवजा योजना भी उपलब्ध नहीं है वहीं नॉरफ़ॉक में सेव हेम्सबी कोस्टलाइन चैरिटी के अध्यक्ष इयान ब्रेनन का कहना है कि अगर कुछ भी नहीं किया गया तो अगले 25 सालों में हेम्स्बी के90 से ज्यादा घर समुद्र में समा भी सकते हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *