लखनऊ। भाजपा जाति-धर्म का जहर फैला रही है। जनता में उसके प्रति रोष है। भगवान परशुराम अन्याय-अधर्म के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक है। आज उनके जन्मोत्सव पर इस लड़ाई को आगे बढ़ाने का हमें संकल्प लेना होगा। उक्त उद्गार आज यहां समाजवादी पार्टी मुख्यालय, लखनऊ के डाॅ0 लोहिया सभागार में आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने व्यक्त किए।
इस अवसर पर अयोध्या के संत-महंत बड़ी संख्या में मौजूद थे जिन्होंने अखिलेश यादव को जीवन में सफलता का आशीर्वाद दिया। श्री यादव की विजय के लिए शंखनाद किया गया। कार्यक्रम में सर्वश्री किरनमय नंदा, नरेश उत्तम पटेल, राजेन्द्र चैधरी, जयशंकर पाण्डेय, प्रो0 अभिषेक मिश्र एवं बाबा दुबे की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। भगवान परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन पूर्वमंत्री श्री तेज नारायण पाण्डेय ने किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि आज का दिन बहुत शुभ है। समाजवादी सरकार में ही भगवान परशुराम जन्मोत्सव की सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की थी। भाजपा ने वह अवकाश समाप्त कर दिया। समाजवादियों ने प्रबुद्ध समाज को जो सम्मान दिया भाजपा ने उसे छीनने का काम किया है।
आज के दिन भगवान परशुराम का क्रोध याद न आए, यह कैसे संभव है? जनता के आक्रोश का एक अंदाजा गोरखपुर-फूलपुर के उपचुनावों के नतीजों से आया है। श्री यादव ने कहा कि भाजपा का मुद्दा विकास नहीं है। अच्छे दिन आने का उसने सपना दिखाया। समाजवादी सरकार ने अयोध्या, काशी, मथुरा में तमाम काम कराये। धर्मजाति के भेदभाव के बिना छात्र-छात्राओं को लैपटाॅप बांटे।
कन्या विद्याधन बांटा गया। भाजपा सरकार ने तो हजारों बच्चों को एक ही नम्बर के जूते बांट दिए। उन्हें घटिया स्वेटर और बैग बांटे जो चंद दिन में फट गए। आजादी के बाद इतने उद्यमी देश से बाहर पलायन नहीं किए जितने भाजपा राज में गए हैं। इस अवसर पर अयोध्या के साधू-संतो ने अखिलेश यादव जी को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
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