बदायूं कांड: विधायक और 15 अन्य पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप

बदायूं में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप: विधायक और 15 अन्य पर FIR दर्ज करने का आदेश

क्या आप जानते हैं कि बदायूं में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है? एक विधायक और उनके 15 सहयोगियों पर एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है! यह मामला भूमि विवाद से जुड़ा है, और पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाई है। इस चौंकाने वाले मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। आइये, जानते हैं इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी…

भूमि विवाद से सामूहिक दुष्कर्म तक: घटनाक्रम का सिलसिला

यह मामला बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के बुधबई गांव में स्थित जमीन से जुड़ा है। पीड़िता के पिता ने यह जमीन काफी समय पहले खरीदी थी। इस जमीन की कीमत करीब 18 करोड़ रुपये आंकी गई है, लेकिन बीजेपी के बिल्सी विधायक हरीश शाक्य ने 16.5 करोड़ रुपये में इसे खरीदने की इच्छा जताई थी। शुरुआती सौदेबाजी में 40% एडवांस पेमेंट की बात तय हुई थी, जिसके बाद एक लाख रुपये एडवांस भी दिए गए।

समझौते में उलझन और धमकियाँ

लेकिन, बात यहीं नहीं रुकी। शाक्य और उनके गुर्गों ने 40% भुगतान किये बिना ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब पीड़िता के परिवार ने बिना भुगतान के समझौता करने से मना किया, तो बदले में, पीड़िता के चचेरे भाई को पुलिस ने उठा लिया और प्रताड़ित किया गया। यहाँ तक कि जब परिवार ने जमीन एक बिल्डर को बेचने का प्रयास किया तो उन्हें रोका गया।

हिरासत, प्रताड़ना और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप

इसके बाद पुलिस ने पीड़िता के परिवार के सदस्यों को तीन दिन तक हिरासत में रखा और बुरी तरह पीटा। बाद में विधायक के गुर्गों ने उन्हें छुड़ाकर प्रताड़ित किया। पीड़िता ने अदालत में दिये गये बयान में आरोप लगाया है कि विधायक और उनके गुर्गों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार भी किया।

अदालत का आदेश: FIR दर्ज करने का निर्देश

पीड़िता के पति ने एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की। बुधवार को कोर्ट ने पीड़िता के पति की याचिका पर सुनवाई करते हुए सिविल लाइंस थाने को 10 दिन के भीतर FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है। इस आदेश से बदायूं में हड़कम्प मच गया है।

पुलिस की प्रतिक्रिया: FIR दर्ज करने की तैयारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस को अभी तक अदालत के आदेश की प्रति नहीं मिली है। अदालत का आदेश मिलते ही FIR दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

विधायक का पक्ष: न्यायपालिका पर भरोसा

बीजेपी विधायक हरीश शाक्य ने कहा है कि उन्हें अदालत के आदेश की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अदालत ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया है, तो वह पुलिस के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

जांच की मांग और सवाल

यह मामला बेहद संवेदनशील है, और इस बात की मांग उठ रही है कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए। क्या इस मामले में सत्ता का दुरुपयोग हुआ है? क्या पुलिस ने पहले ही पीड़िता को न्याय पाने से रोकने की कोशिश की? यह सवाल अब भी बने हुए हैं।

Take Away Points

  • बदायूं में एक विधायक और 15 अन्य पर सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर आरोप।
  • भूमि विवाद से जुड़ा यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में पहुंचा।
  • कोर्ट ने FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।
  • पुलिस जांच शुरू होने का इंतज़ार है।
  • इस मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की ज़रूरत है।

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