चंडीगढ़। हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा हिंसा मामले की सुनवाई कर रही एक अदालत ने शनिवार को डेरा प्रमुख की दतक पुत्री हनीप्रीत और अन्यों को देशद्रोह और इसी बारे में कथित तौर पर षड्यंत्र रचने संबंधी धाराओं 121 और 121ए के तहत लगे आरोपों से मुक्त कर दिया।
अतिरिक्त सत्र जज संजय संधीर ने हनीप्रीत समेत सभी आरोपियों पर से देशद्रोह संबंधी धाराएं हटा दीं लेकिन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अन्य धाराओं 216, 145,151,152,153, 120बी के तहत इन सभी पर आरोप तय किए हैं।
उल्लेखनीय है कि साध्वी यौन शोषण मामले में 25 अगस्त 2017 को डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सजा होने के बाद पंचकूला सहित अन्य हिस्सों में हुई हिंसा मामले की सुनवाई पिछले शनिवार को हुई थी। इसमें पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कथित तौर पर देशद्रोह के पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाने तथा ये आरोप साबित नहीं कर पाने पर जज ने देशद्रोह संबंधी धाराएं हटा दीं।
हनीप्रीत अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है। उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई जबकि अन्य आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। हिंसा में 36 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस ने शुरुआत में 1200 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। हनीप्रीत घटना के 38 दिन बाद पकड़ में आई थी। हनीप्रीत ने जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।
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