रेजिडेंट डॉक्टर सहित स्वाइन फ्लू के 8 मरीज मिले 

[object Promise]
लखनऊ। राजधानी में लखनऊ में स्वाइन फ्लू थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को आठ और नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, नए मरीजों में केजीएमयू के एक रेजिडेंट डॉक्टर सहित तीन बच्चे भी शामिल हैं। इसके साथ गोमतीनगर और हजरतगंज के दो बुजुर्ग इस बीमारी की चपेट में आए हैं। इनमें पांच मरीजों की पुष्टि एसजीपीजीआई और तीन की केजीएमयू की लैब में हुई जांच के दौरान हुई है। जिला संक्रामक रोग प्रभारी केपी त्रिपाठी का कहना है कि पीड़तों कि स्थिति सामान्य है। मरीजों और उनके परिवारीजनों को घर पर दवा उपलब्ध करवा दी गई है। इसी के साथ में स्वाइन फ्लू से प्रभावित मरीजों का आंकड़ा 391 पहुंच गया है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण आम फ्लू के लक्षणों के समान होते हैं
1. मांसपेशियों में दर्द के साथ बुखार
2. गले में खराश के साथ दर्द और सूखी खांसी
3. अत्यधिक थकान
4. ठण्ड लगना या नाक निरंतर बहना
5. गले में खराश
6. कफ
7. सांस लेने में तकलीफ
8. भूख कम लगना
9. मांसपेशियों में बेहद दर्द
10. उल्टी या दस्त होना
वायरस के संक्रमण की अवधि दो से पांच दिनों या फिर सात दिनों की हो सकती है। सूत्रों के अनुसार जिन इलाकों में बारिश अधिक होगी वहां स्वाइन फ्लू के केसेज़ के भी अधिक होने की सम्भावना बढ़ेगी। अगर आप नीचे दी गयी किसी स्थिति से गुज़र रहे हैं, तो आपको अधिक सुरक्षा की आवश्यकता है।
• आपने पिछले तीन सालों से अस्थमा का उपचार कराया है
• आप गर्भवती हैं
• आपकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है
• आपके बच्चे की उम्र 5 साल से कम है
स्वाइन फ्लू का उपचार:
• युवाओं में बुखार और ठंड से बचने के  लिए पैरासिटामाल दिया जाता है।
• बच्चों को कभी कभी अतिरिक्त उपचार की आवश्यकता होती है ।
• 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एस्पिरिन जैसी दवाएं नहीं देनी चाहिए।
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए सुरक्षा के उपाय अपनायें। ऐसी जगह जहां संक्रमण होने की सम्‍भावना है वहां मास्क लगाना ना भूलें। ऐसे क्षेत्रो का दौरा करने से बचें जहां स्वाइन फ्लू फैला हो।

 अभियान का शुभारंभ भी किया।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *