लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सत्ता का हथोड़ा मार-मार कर ढहाना अब आम बात हो गई है: पवन खेड़ा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को विदेश में कई सर्वोच्च सम्मानों से सुसज्जित किया गया है। तो जाहिर सी बात हैं कि एक भारतीय होने के नाते, हमें भी अच्छा लगा कि हमारे भारत के प्रधानमंत्री को उस ओहदे को सम्मानित किया गया। मोदी जी और भाजपा, अवॉर्ड तो बहुत खुशी से ले लेते हैं, पर अगर उनकी कोई जरा सी भी आलोचना करे तो वो उनको बर्दाश्त नहीं है। जब मोदी जी को कोई अवॉर्ड मिलता है, उसपर भाजपा धूम-धाम से ढिंढ़ोरा पीटती है। जब मोदी जी को मैडम तुसाद में मोम के बुत की तरह दर्शाया जाता है, वो भाजपा के लिए गर्व की बात होती है। जब वहीं लंदन वाला बीबीसी मोदी जी के पुराने कारनामों की कलई खोलने लगता है, तब मोदी जी देश की जाँच एजेंसियों को फ्रंटल ऑर्गनिजशन की तरह इस्तेमाल कर उसपर रेड या सर्वे करा देतें हैं। उसकी डॉक्यूमेंट्री, आपातकाल ताकतों के प्रावधानों के तहत बैन करा देतें हैं। ये कैसा न्याय है मोदी जी ?

आगे पवन खेड़ा ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सत्ता का हथोड़ा मार-मार गर ढहाना अब आम बात हो गई है। मोदी जी ने वादा तो स्टार्ट अप इंडिया चलाने का किया था, पर अमृत काल में ये शट अप इंडिया बन गया है ! दबाव डालना, रेड्स डालना पिछले 8 साल से भारतीय मीडिया के साथ मोदी साहब करते आए हैं, विदेशी मीडिया के साथ भी अब शुरू कर दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बताया कि लंदन में, जहां बीबीसी स्थित है, वहां 2016 में मैडम तुसाद ने मोदी जी की मोम की प्रतिमा का अनावरण खुद मोदी जी ने किया था। बड़ी देर तक मोदी जी ने अपनी इस प्रतिमा को निहारा था, और पत्रकारों को तस्वीरें खींचने का मौका दिया था। मैडम तुसाद वैसे तो फ्रेंच कलाकार मैरी तुसाद ने बनाया है, पर उनका पहला म्यूजियम लंदन के बेकर स्ट्रीट में ही बना था। बीबीसी ने मोदी जी के बारे में कई सारे पॉसिटिव लेख भी लिखें हैं, जैसे – कैसे नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति को नया रूप दिया है, नरेंद्र मोदी भारत के आर्थिक रक्षक। क्यों भारत के सहस्राब्दी पीएम नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हैं।

पवन खेड़ा ने कहा कि कल बीबीसी के मुंबई और दिल्ली के द़फ्तरों पर रेड या सर्वे होना कोई नई बात नहीं है। ये कोई ‘संयोग’ नहीं, सोचा समझा प्रयोग है। दैनिक भास्कर पर इनकम टैक्स का देशव्यापी छापा, न्यूज क्लिक पर 114 घंटे तक ईडी का छापा फिर आयकर का छापा ,भारत समाचार पर इनकम टैक्स छापा एनडीटीवी पर इनकम टैक्स छापा ,द क्विंट पर इनकम टैक्स छापा, न्यूज ल़ॉन्ड्री के द़फ्तरों पर इनकम टैक्स छापा ,द न्यूज मिनट पर इनकम टैक्स छापा ,द वायर पर दिल्ली पुलिस का छापा ,एचडब्ल्यू न्यूज नेटवर्क पर इनकम टैक्स का छापा।

कांग्रेस प्रवक्ता ने बीबीसी रेड पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि जब मोदी जी इस देश के प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे थे, तब वो इसी बीबीसी, इसी मीडिया के मुरीद थे। 8 अप्रैल 2013 में उन्होंने कहा – जब तक डीडी, आकाशवाणी थी, लिमिटेड अखबार थे, तब तक आम लोग क्या चर्चा करते थे- वह कहते ते ये मैंने बीबीसी पर हमने सुना.. यानी डीडी, आकाशवाणी पर कोई भरोसा नहीं थाअप्रैल 2014 में मोदी जी ने कहा था लोकतंत्र में अगर मीडिया ताकतवर नहीं होगा तो लोकतंत्र चलेगा नहीं।सत्ता का सुख पाते ही, मोदी जी की भाषा बदल गई।

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