प्रयागराज, नैनी में इंस्पेक्टर की नाबालिग बेटी ने अपने ही भाई को तीन गोली मारी है। भाई की हालत नाजुक बनी हुई है। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामले की जांच में जुटी नैनी पुलिस को पहले तो इंस्पेक्टर की बेटी ने गुमराह का प्रयास किया लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गई। और भाई को गोली मारने की बात कुबूल कर ली। हालांकि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। चौकी प्रभारी नैनी सुशील दुबे ने बताया कि वजह घर में ही छिपी है। अभी आरोपित लड़की कुछ सही बता नहीं रही है। भाई-बहन के मोबाइल की सीडीआर निकाली जा रही है। आरोपित लड़की के इंस्पेक्टर पिता भी आ गए हैं। अब उनके सामने बेटी से पूछताछ के बाद वजह स्पष्ट हो सकती है।
मुकदमा दर्ज कराने से पीछे हटा परिवार
इंस्पेक्टर के बेटे को गोली मारने की घटना में नया मोड़ आ गया है। अब पूरा परिवार बेटी को बचाने के लिए मुकदमा दर्ज कराने से पीछे हट गया है। ऐसे में नैनी पुलिस अपनी तरफ से मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। पूछताछ में नाबालिग बहन भी घटना के पीछे अलग-अलग कहानी बयां कर रही है।
यह हुई थी घटना
शहर से सटे नैनी इलाके के चक रघुनाथ मोहल्ले में रहने वाले इंस्पेक्टर सभाजीत आजमगढ़ में कोरोना सेल में तैनात हैं। यहां उनकी पत्नी सुभद्र, बेटा अमरेंद्र और एक 15 साल की बेटी रहती है। अमरेंद्र राजकीय इंटर कॉलेज में 11 वीं का छात्र है। शाम को वह घर के एक कमरे में लेटा हुआ था। इसी दौरान उसे गोलियां मारी गई। खबर पाकर पुलिस पहुंची और घायल अमरेंद्र को अस्पताल ले गई। डॉक्टरों ने बताया कि एक गोली पेट में और दो गोली सीने के आसपास लगी है। अमरेंद्र और बहन ने पुलिस को बताया कि वे दोनों गोलियां चलने की आवाज सुनकर कमरे में पहुंची तो वह घायल पड़ा था।
आखिरकार बहन ने अपना जुर्म स्वीकार किया
पहले तो अमरेंद्र की बहन ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। उसने बताया कि घर में घुसे दो बदमाशों ने गोली मारी है। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को घटना संदिग्ध लगी। जिस गहनों के लूट की बात अमरेंद्र की बहन पुलिस को बता रही थी। वह किचन से बरामद हो गया। इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। तब जाकर मामला साफ हो गया। अमरेंद्र की बहन ने पुलिस को बताया कि उसने ही पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारी है।
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