गूगल मैप ने दिखाया अधूरा रास्ता, तीन लोगों की मौत
क्या आपने कभी सोचा है कि गूगल मैप आपकी जान भी ले सकता है? बरेली में हुआ एक दिल दहला देने वाला हादसा इस सवाल को हमारे सामने लाता है। तीन लोगों की मौत, एक अधूरा पुल और भरोसेमंद गूगल मैप, यह सब मिलकर एक भयानक त्रासदी बन गया है। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर क्या हुआ था और क्या इससे बचने के लिए हम सब कुछ कर सकते थे।
हादसे की असली कहानी
रविवार सुबह बरेली के फरीदपुर में स्थित रामगंगा नदी पर बन रहा एक अधूरा पुल बन गया मौत का कारण। तीन दोस्त गूगल मैप पर भरोसा करके कार से इस पुल से गुजरने की कोशिश की, लेकिन अचानक उनकी कार अधूरे पुल से नीचे नदी में जा गिरी। घटनास्थल पर न कोई अवरोधक था, न कोई चेतावनी बोर्ड। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने एक अस्थाई दीवार बनाई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जिम्मेदारी किसकी?
अब सवाल उठता है कि इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी है? लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, गूगल मैप या खुद कार चालक? हकीकत यह है कि सभी का अपनी-अपनी भूमिका इस घटना में है। पुल को अधूरा छोड़ना, एप्रोच रोड न बनाना और कोई चेतावनी नहीं देना निर्माण विभाग की गंभीर लापरवाही है।
पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम में टालमटोल
सेतु निगम ने 2021 में पीडब्ल्यूडी को यह पुल सौंप दिया था, लेकिन एप्रोच रोड का निर्माण कार्य अधूरा रह गया। वर्ष 2020 में लगभग 40 करोड़ की लागत से बने इस पुल को बिना एप्रोच रोड के जनता के लिए खोल देना समझ से परे है। विभागों के बीच आपसी टालमटोल ने कई गांवों के संपर्क को बाधित किया और आखिरकार इस हादसे को जन्म दिया। जुलाई में एप्रोच रोड कट जाने के बाद भी कोई सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए।
गूगल मैप और सुरक्षा
इस मामले में गूगल मैप की भी ज़िम्मेदारी बनती है। अगर गूगल मैप को अधूरे पुल की जानकारी थी, तो उसे अपने मैप में अपडेट करना चाहिए था, ताकि लोग इस तरह के खतरे से बच सकें। हालाँकि, गूगल मैप का भी तर्क यह हो सकता है कि पुल को अधूरा छोड़ना सरकार की लापरवाही है।
गूगल मैप का भरोसा करना कितना सुरक्षित?
गूगल मैप भले ही उपयोगी हो, लेकिन उसे कभी भी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माना जाना चाहिए। हर जगह गूगल मैप पूरी तरह अद्यतन नहीं होता है। हमे चाहिए कि हम स्वयं भी जांच करें और अधूरे रास्तों से बचें। स्थानीय परिस्थितियों का भी ध्यान रखना ज़रूरी है।
जाँच और कार्रवाई
इस हादसे के बाद प्रशासन ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बरेली और बदायूं के डीएम घटना की जांच कर रहे हैं। लेकिन ज़िम्मेदारों को सजा दिलाने से ज़्यादा ज़रूरी है भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए कड़े कदम उठाना।
सीख और सुधार
इस घटना से हम सबको ये सीख मिलनी चाहिए कि हमें न केवल किसी मैपिंग ऐप पर पूरा भरोसा करना चाहिए, बल्कि खुद भी अपने रास्ते के बारे में जांच पड़ताल करनी चाहिए। सड़कों और पुलों की मरम्मत तथा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार पर है।
टेक अवे पॉइंट्स
- गूगल मैप या किसी अन्य मैपिंग ऐप पर पूर्ण भरोसा न करें।
- यात्रा से पहले अपने रास्ते की जांच कर लें।
- सरकार को सड़कों और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
- अधूरे निर्माण कार्यों को जनता के लिए नहीं खोला जाना चाहिए।
- चेतावनी संकेतों की कमी से बचा जाना चाहिए।

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