बीजेपी और कांग्रेस के अलावा इस बार अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने भी मैदान में किस्मत आजमायी। सूरत, राजकोट, जामनगर और भावनगर में कांग्रेस करारी हार का सामना कर रही है जबकि अहमदाबाद में कांग्रेस की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. वहीं, पहली बार गुजरात निकाय चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी सूरत नगर निगम में कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए प्रमुख विपक्षी दल बनकर उभरी है तो असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पहली बार चुनाव में उतरी, लेकिन मुस्लिम बहुल इलाकों में खास असर नहीं दिखा सकी।
वहीं, पहली बार गुजरात निकाय चुनाव में उतरी असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम को अहमदाबाद की चार सीटों पर विजय मिली है। अहमदाबाद की कुल 192 सीटों में से करीब 100 सीटों के रुझान आए हैं, जिनमें वहीं, कांग्रेस के खाते में सिर्फ 20 सीटें जाती दिख रही है। वडोदरा, राजकोट और भावनगर में आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम का कोई असर नहीं दिखा।
जरात निकाय चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस को सूरत में नया सबक दिया है। सूरत नगर निगम चुनाव में पार्टी को करारी हार झेलनी पड़ी है। वहीं अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने यहां बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सूरत ने एक तरह से कांग्रेस की सियासी सूरत बिगाड़कर रख दी है।
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