कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा केंद्र सरकार की पक्षधरता का सिलसिला जारी

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जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा केंद्र सरकार की पक्षधरता का सिलसिला जारी है। शशि थरूर, जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे सीनियर नेताओं के बाद छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी कहा है कि वह देश के मुद्दे पर सरकार के साथ खड़े रहेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल ने बुधवार को कहा, ‘देश के अंदर राजनीतिक विरोध अलग बात है, लेकिन देश के मुद्दे पर हम सरकार के साथ हैं। देश के अंदर हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का विरोध करते हैं। लेकिन देश के बाहर के मसलों पर सरकार जो भी फैसला करे, कांग्रेस हमेशा उसका सपॉर्ट करेगी। हम हमेशा देश के साथ खड़े रहेंगे।’

बघेल ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘इमरान खान की क्या हैसियत जो हमारे देश के आंतरिक मामलों में बोले? वह अपना देश संभाले। हम अपने प्रधानमंत्री की नीतियों से सहमत-असहमत होंगे, चर्चा करेंगे, सवाल उठाएंगे, उनसे जवाब मांगेंगे। देश के बाहर प्रधानमंत्री का प्रत्येक कदम देश का कदम होता है और कांग्रेस पार्टी उसके साथ है।’

सीएम ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान द्वारा कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस को कोट करने के सवाल में यह बात कही। गौरतलब है कि आर्टिकल 370 और कश्मीरप के मुद्दे पर कांग्रेस के अंदर से ही अलग-अलग स्टैंड सामने आया। शशि थरूर, जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी ने पीएम मोदी और केंद्र सरकार की तारीफ की थी, जिसपर पार्टी के अंदर से ही ऐक्शन लिए जाने की मांग उठी थी।

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता शशि थरूर ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर अच्‍छा काम करते हैं तो उसकी प्रशंसा होनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि इससे जब पीएम मोदी गलती करेंगे तो हमारी आलोचना को विश्‍वसनीयता मिलेगी। उससे पहले कांग्रेस के दो बड़े नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘खलनायक’ की तरह पेश करने को गलत बताया है। जयराम रमेश ने कहा था कि पीएम मोदी के काम के महत्व को स्वीकार नहीं करने और हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। सिंघवी ने जयराम के इस बयान का समर्थन करते हुए कहा था कि काम का मूल्यांकन व्यक्ति नहीं बल्कि मुद्दों के आधार पर होना चाहिए।

इन नेताओं के बयान के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठी थी। कई कांग्रेस नेताओं ने इसे कांग्रेस की विचारधारा के विपरीत करार दिया था। वीरप्पा मोइली ने तो आक्रामक रूख अख्तियार करते हुए थरूर को अगंभीर बताया और जयराम रमेश को यूपीए सरकार की नीतिगत पंगुता के लिए दोषी तक ठहरा दिया था।

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