नई दिल्ली। झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के डॉक्टरों ने संवेदनहीनता की हद कर दी। घायल युवक का क्षतिग्रस्त पैर ऑपरेशन मेंकाटने के बाद पैर को सिरहाने लगाकर तकिया बना दिया। इसका वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। यह था मामला: शनिवार को इटायल से मऊरानीपुर जा रही स्कूली बस ट्रैक्टर को बचाने में पलट गई।
बस में फंसे बच्चों को किसी तरह बाहर निकाला गया। घायल क्लीनर घनश्याम को सीएचसी मेंभर्ती कराया गया। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरोंने उसकी हालत बिगड़ती देख पैर काटने का फैसला किया। बाद में डॉक्टरोंने तकिए की जगह कटा पैर रख दिया।
झांसी के लहचूरा थाने में हुई इस शर्मनाक घटना ने सभी को चौंका दिया है। यहां के इटायल गांव में बच्चों से भरी एक स्कूल बस मऊरानीपुर की तरफ जा रही थी। रास्ते में अचानक से उनके सामने एक ट्रैक्टर आ गया और उसे बचाते वक्त बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बस क्लीनर के साथ-साथ आधा दर्जन बच्चे भी घायल हो गए। आनन-फानन में सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बस क्लीनर घनश्याम की हालत नाजुक होने के कारण उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां पर डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया जिसके दौरान उसका एक पैर काटना पड़ा।
इसके बाद डॉक्टरों ने जो किया वो बहुत ही शर्मनाक था। उन्होंने घनश्याम का कटा हुआ पैर ही उसकी तकिया के रूप में इस्तमाल कर दिया। जब घनश्याम के जीजा वहां पहुंचे तो वो इस मंजर को देख घबरा गए। उन्होंने तुरंत ही डॉक्टरों से सिर के नीचे से पैर हटाने को कहा लेकिन डॉक्टरों ने उनकी बात नहीं मानी। मामले की जानकारी जब मेडिकल प्रसाशन को मिली तो जांच करते हुए दो डॉक्टरों और दो नर्सों को सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही एक डॉक्टर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिये गए हैं।
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