Child पॉर्नोग्राफी Whatsapp पर देखी या फॉरवर्ड की तो मिलेगी ये सख्त सजा

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मुंबई । चाइल्ड पॉर्नोग्राफी एक गंभीर अपराध है। वॉट्सऐप या फेसबुक के जरिए ऐसे अश्लील क्लिप्स देखना या फॉरवर्ड करना गंभीर गुनाह है। बता दें कि आजकल मोबाइल या फेसबुक पर बच्चे-बच्चियों के अश्लील फोटो या विडियो देखना और इसे दोस्तों या ग्रुप्स में सर्कुलेट करना चलन बन गया है। गोरेगांव के 12वीं का छात्र राहुल (बदला हुआ नाम) उस वक्त हैरान रह गया जब उसकी 6 साल की बहन का शौचालय में नहाने का विडियो वॉट्सऐप पर वायरल हो गया। राहुल ने बहन से जब पूछा तो उसने सहेली के घर नहाने की बात कही।

शक है कि वहां किसी ने उस बच्ची की मासूमियत का फायदा उठाकर मोबाइल से विडियो बना लिया होगा, जो एक से दूसरे मोबाइल होते हुए वायरल हो गया। राहुल की तरह सरिता शिरसाट की भी कहानी है, जिसने छोटी बहन का अश्लील विडियो बनाकर उसे दोस्तों को वॉट्सऐप के जरिए शेयर करने वाले शातिर पड़ोसी के खिलाफ साइबर पुलिस में मामला दर्ज कराया था। सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे वॉट्सऐप या फेसबुक या इंस्टाग्राम पर छोटे-छोटे बच्चे-बच्चियों का अश्लील विडियो या फोटो देखना आजकल चलन हो गया है। लोग न सिर्फ ये अश्लील चीजें देखते हैं, बल्कि एक-दूसरे को फॉरवर्ड भी करते हैं। इसे चाइल्ड पॉर्नोग्राफी कहते हैं।

वॉट्सऐप पर अश्लील विडियो और फोटो देखने या सर्कुलेट करने से सावधान रहनी चाहिए। खासतौर से बच्चे-बच्चियों से संबंधित मामले काफी गंभीर होते हैं। भारत सरकार चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के व्यवसायिक इस्तेमाल, संबंधित विडियो देखना, संग्रह करना और इसे सर्कुलेट करने को गंभीर अपराध मान रही है। सरकार इस प्रस्तावित कानून में चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के व्यवसायिक इस्तेमाल को लेकर काफी सख्त हैं। पहले इस कानून में तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को सिर्फ 3 साल तक की ही सजा होती थी, लेकिन अब इसे संशोधित कर पांच साल कर दिया गया है। इसके अलावा, आरोपी यदि दूसरी बार दोषी पाया जाता है, तो उसकी सजा सात साल तक बढ़ सकता है।

इस कानून में संशोधन होने के बाद अगर आपके मोबाइल पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से संबंधित विडियो और फोटो मिलने पर अगर आप इसकी जानकारी छुपाते हैं, तो आप भी दोषी ठहराए जा सकते हैं। आपको भी सजा हो सकती है। इसलिए मोबाइल यूजर को वॉट्सऐप पर आने वाले अश्लील विडियो या फोटो को डाउनलोड करने, देखने या सर्कुलेट करने से बचना चाहिए।

साइबर क्राइम विभाग के   अनुसार, फेसबुक या वॉट्सऐप के माध्यम से चाइल्ड पॉर्नोग्राफी को सर्कुलेट करना या फॉरवर्ड करना अपराध है। इस प्रकार के मामले सामने आने पर पुलिस केस दर्ज करती है। इसके अलावा, भारत सरकार ने ऑनलाइन तरीके से ऐसे मामलों को दर्ज कराने के लिए भी सहूलियत दे रखी है। इसके लिए लोगwww-cybercrime-gov इस पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। बच्चों के अलावा महिलाओं को प्रताड़ित करने से संबंधित मामले भी इस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन लोग दर्ज कर सकते हैं।

बच्चों के यौन उत्पीड़न से संबंधित पॉक्सो ऐक्ट को लेकर भी भारत सरकार गंभीर है। सरकार पॉस्को ऐक्ट में संशोधन करने जा रही है, जो अभी प्रस्तावित है। नए नियम के बाद अब इस ऐक्ट में पांच साल तक की कैद और जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसके अलावा, यह अपराध गैर जमानती अपराध भी है।

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