पैसा पेड़ पर नहीं उगता और न ही ये आसमान से टपकता है। इसे कमाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन क्या होगा यदि आपको पैसा नदी में बहता हुआ दिख जाए? यकीनन नदी में पैसों को बहता हुआ देख आप में से बहुत से लोग इसे लूटने कूद जाएंगे। आप में से कोई भी ये मौका नहीं छोड़ना चाहेगा। बस ऐसा ही एक नजारा राजस्थान के अजमेर शहर में देखने को मिला। दरअसल अजमेर की आनासागर झील में रविवार को 200 और 500 रुपए के नोट तैरते हुए दिखाई दिए।
जब लोगों की नजर इस पर पड़ी तो वहां इसे लूटने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई। लोग बिना सोचे समझे नदी में कूद गए। हर किसी की यही कोशिश थी कि उसे ज्यादा से ज्यादा नोट मिल जाए। हद तो तब हो गई जब नगर निगम के कर्मचारी भी खुद को रोक नहीं पाए।
जब उन्हें इस बात की भनक लगी तो वे भी नदी में नाव लेकर पैसे लूटने जा पहुंचे।इस बीच किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। ऐसे में पुलिस वहां आई और लोगों को डंडे मार भगाने लगी। उन्होंने नगर निगम के कर्मचारियों से भी पैसे ले लिए। इसके अलावा नदी में जो पैसे थे वह भी अपने पास जमा कर लिए।
तो अब सवाल ये उठता है कि नदी में आखिर 200 और 500 के इतने सारे नोट कैसे आए? क्या ये पैसे आसमान से टपके या फिर कुछ और मामला है। पुलिस ने जब इसकी जांच शुरू की तो उन्हें एक अहम सुराग हाथ लगा।वहां मौजूद एक शख्स ने बताया कि हमने एक आदमी को नोटों से भरा बैग झील में फेंकते हुए देखा था। वह इस बैग को झील में फेंक वहां से भाग गया।
इसके बाद लोग इस बैग में मौजूद रुपए को लूटने कूद पड़े। स्थानीय लोगों के बयान के बाद पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी। वह अब यह पता लगाने में जुटी है कि उस अनजान शख्स ने नदी में आखिर नोटों वाला बैग क्यों फेंका था। आखिर इसके पीछे क्या वजह थी। पुलिस को शक है कि शायद उस व्यक्ति के घर रेड पड़ने वाली होगी।
उसे इस बात की सूचना पहले से मिल गया होगी। इसलिए उसे इस बैग को नदी में फेंक दिया। लोग अक्सर रेड पड़ने के दौरान या पहले अपने पैसों को ऐसे ही ठिकाने लगाते हैं। हालांकि इस बारे में अभी कोई पुख्ता सबूत नहीं है। न ही इस बात की पुष्टि हुई है कि वह कौन था जिसने नोटों से भरा बैग नदी में फेंका था।
Leave a Reply