कानपुर में खाकी शर्मशार, बेटी को ढूंढने के लिए विकलांग मां से गाड़ी में डीजल भरवाया

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पीड़ित विकलांग महिला की गुहार सुन डीआईजी प्रितिंदर सिंह भी दंग रह गए और उन्होंने पीड़ित विकलांग महिला को बैठा कर पानी पिलाया और फिर पूरी उसकी समस्या को सुना और जल्द बच्ची को ढूंढने का आश्वासन भी दिया। विकलांग महिला द्वारा थाना चकेरी की चौकी सनिगवां के इंचार्ज राजपाल सिंह पर लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए उनको तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के आदेश भी दिए और फिर विकलांग महिला को घर तक छोड़ने के निर्देश भी मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों को दिए।

कानपुर के थाना चकेरी के अंतर्गत सनिगवां निवासी विकलांग विधवा वृद्धा की नाबालिग बेटी एक माह से लापता है, जिसकी थाने में गुमशुदगी भी दर्ज की गई थी। विकलांग महिला ने अपने ही दूर के एक रिश्तेदार पर बेटी को गायब करने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस उसकी बात को नहीं ध्यान दे रही थी। चौकी जाने पर उसे डांटकर भगा दिया जाता था। विकलांग महिला ने बताया पुलिस से वह लगातार बेटी को खोजने की गुहार लगा रही थी, लेकिन पुलिस ने बेटी खोजने के नाम पर उससे गाड़ी में डीजल डलवाने की बात कही, तो उसने वह भी किया और करीब 10 से 12 हजार रुपए का डीजल पुलिस की गाड़ी में डलवा चुकी है। महिला ने यह भी बताया एक दो बार पुलिस वाले गाड़ी से बेटी को लेने के लिए गए भी थे, लेकिन बेटी को लेकर नहीं आए।

उसने बताया कि अब उसके पास पैसे नहीं है, वह डीजल कहां से डलवाएं। उसने यह भी बताया कि वह लखनऊ में मुख्यमंत्री के ऑफिस तक शिकायत करने के लिए गई थी, लेकिन वहां से भी कुछ नहीं हुआ और लौटकर उसे फिर चौकी जाना पड़ा, जहां उसके साथ पुलिस वाले गाली-गलौज करते हैं और दुत्कार कर भगा देते हैं और बेटी पर ही गलत होने का आरोप लगाते हैं। पूरे मामले को लेकर डीआईजी कानपुर डॉ. प्रितिंदर सिंह ने बताया कि थाना चकेरी पर अभियोग पंजीकृत है। लड़की की बरामदगी के लिए सीओ कैंट के निर्देशन में 4 टीमें गठित की गई और चौकी इंचार्ज सनिगवां उप निरीक्षक राजपाल सिंह को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए।

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