किसान आंदोलन के नाम पर टुकड़े-टुकडे गैंग कर रहे हैं ‘शाहीन बाग 2’ की साजिश, देखें कुछ Video !

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किसान आंदोलन की वजह से दिल्ली के कई बॉर्डर बंद हो गए हैं। इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने किसानों को निरंकारी मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी हैं, लेकिन किसान अब भी दिल्ली के बॉर्डर पर जमे हुए हैं। इससे यातायात पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। जिस तरह नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में 500-500 रूपए, बिरयानी और नाश्ता का लालच देकर जगह-जगह शाहीन बाग़ बनाए गए थे, उसी तर्ज पर किसान आंदोलन का आयोजन किया गया है।

जिस तरह CAA की आड़ में हिन्दू विरोधी तांडव कर मुस्लिमों के कंधे हंगामा किया गया था, ठीक उसी भांति किसान की आड़ में सिखों को मोहरा बनाया गया है, जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस कानून को मानने से इंकार कर दिया है, और इस षड़यंत्र को विफल करने केवल गैर-सिख ही नहीं बल्कि सिख समाज को भी आगे आकर किसी अनहोनी को रोकने से बचाना होगा।

इस समय भारत के हर नागरिक को नेता के नाम पर घूम रहे अराजक तत्वों से सतर्क रहने की जरुरत है, ताकि किसी भी अनहोनी को टाल इनके मंसूबों को पूरा न होने दें। CAA विरोध के समय जो काम कुछ न्यूज़ चैनलों किया था, वही काम Know The Nation ने  शुरू कर  इस तथाकथित किसान आंदोलन की हवा ही निकाल दी।

पूरा देश किसानों के साथ खड़ा है इसलिए किसानों को कोई चिंता करने की बात नहीं है। और देश के सभी किसानों को भी आत्मचिंतन करना होगा तथाकथित किसान नेताओं ने आपके लिए आज तक किया क्या है। देश में किसान नेता, मजदूर नेताओं ने अपनी भूमिका सही से निभाई होती तो आज शायद हालात बहुत अच्छे होते।

केंद्र द्वारा लागू तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करने आ रहे हजारों किसान एक और रात सड़क पर बिताने के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर अब भी जमे हुए हैं।

वहीं, किसान नेता सरकार द्वारा प्रस्तावित रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन की वजह से कई सड़क और दिल्ली आने वाले रास्ते बंद हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों से बुराड़ी मैदान में आकर प्रदर्शन करने की अपील की है और कहा कि वे जैसे ही निर्धारित स्थान पर जाएँगे उसी समय केंद्र वार्ता को तैयार है। शाह ने कहा किसानों के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए तीन दिसंबर को आमंत्रित किया गया है।

इस बीच KNOW THE NATION के कई वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि भीड़ को किस तरह से एकत्रित किया गया है।

तथाकथित किसान विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों को कानून का कोई ज्ञान नहीं है। यहाँ पर किस कानून का विरोध करने के लिए आए हैं तो उनका कहना था कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, वो तो बस अपने रोजगार के लिए आए हैं।

साक्षी गुप्ता नाम की एक AAP नेता भी शामिल थी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो यहाँ पर अरविंद केजरीवाल का सपोर्ट करने के लिए आई है। इस काले कानून को हटाने के लिए 1 महीना लगे या 6 महीना, वो जुटे रहेंगे। फार्म बिल पर उनका कहना था एसएसपी जो लाया गया है, एएसपी जो हटा रहे हैं, लगा रहे हैं, वो सब गलत है।

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