देश– कांग्रेस को मल्लिकार्जुन खड़गे के रुप में नया अध्यक्ष मिल गया है। इन्होंने बुधवार को औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है।
मल्लिकार्जुन ने कांग्रेस की लम्बे समय से चली आ रही नीति को तोड़ा है और इस बार कांग्रेस के माथे से परिवारवाद का ठप्पा हटाया है। क्योंकि बीते कई सालों से कांग्रेस को अगर कोई अध्यक्ष मिल रहा था तो वो गांधी परिवार का सदस्य था।
हालाकि मल्लिकार्जुन ने इस नीति को तोड़ दिया है। लेकिन उनके सामने अब कई बड़ी चुनौती है। क्योंकि कांग्रेस की नैया डूबती जा रही है और मल्लिकार्जुन खड़गे को उसे टट्रैक पर वापस लाना है।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने कही न कही दक्षिण में कांग्रेस को पहले की अपेक्षा स्थापित कर लिया है और अपनी छवि भी गढ़ी है। लेकिन कांग्रेस के लिए इतना काफी नही होगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए सबसे बड़ी समस्या अगर कोई है तो साल 2024 का चुनाव। इसमे उन्हें खुद को साबित करना है और कांग्रेस में पुनः जान भरनी है। जिससे केंद्र में कांग्रेस पुनः खड़ी हो सके।
वही अभी की सबसे बड़ी चुनौती गुजरात और हिमाचल प्रदेश का चुनाव है। गुजरात मे कांग्रेस वैसे तो मुख्य विपक्षी दल है। लेकिन इस बार गुजरात मे आम आदमी पार्टी अपने पैर पसारने में जुटी हुई है।
मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुजरात मे कांग्रेस का वनवास खत्म करने की रहेगी। क्योंकि यहां बीते 27 साल से कांग्रेस सत्ता से दूर है।
इसके साथ ही इस बार कांग्रेस का गुजरात चुनाव पर कोई खास फ़ोकस भी नही नजर आ रहा है। लोग यह दावा कर रहे हैं कि गुजरात मे कांग्रेस की जगह अब आम आदमी पार्टी ने ले ली है।
ऐसे में मल्लिकार्जुन खड़गे को महज 1 माह में गुजरात मे कांग्रेस को अस्तिव में लाना बड़ी चुनौती है।
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