वन विभाग को मंज़ूर नहीं मंत्री की एक भी शर्त, फिर फंसी वनरक्षक भर्ती

वन विभाग को मंज़ूर नहीं मंत्री की एक भी शर्त, फिर फंसी वनरक्षक भर्ती

 

 

वन विभाग में वन रक्षकों की भर्ती का मामला सुलझने की बजाए और उलझने वाला है. भर्ती प्रकिया स्थगित होने के बाद वन मंत्री अधीनस्थ चयन आयोग से ही चयन का अधिकार छीनना चाहते हैं. अंदर की खबर ये है कि अधिकारी किसी भी सूरत में ऐसा होने नहीं देना चाहते. ऐसे में तय है कि यह मामला और उलझेगा.

उत्तराखंड में 2016 में अधीनस्थ वन सेवा नियमावली के अस्तित्व में आने के बाद पहले से चल रही व्यवस्थता को बदलकर वन रक्षकों पर डीएफओ का नियंत्रण ख़त्म कर वन मुख्यालय के हवाले कर दिया गया. इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिए कराने का फैसला किया गया.

नई व्यवस्था के तहत वन रक्षकों के खाली पड़े 1218 पदों पर भर्ती के लिए अगस्त 2017 में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर दी. लेकिन, वन मंत्री को भर्ती की कुछ शर्तें रास नहीं आई और नौ सितंबर को उन्होंने आयोग को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया स्थगित करवा दी.

अब वन मंत्री चाहते हैं कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से वन रक्षकों की इस भर्ती के अधिकार को छीन लिया जाए और डीएफओ स्तर पर भर्ती की पुरानी प्रक्रिया लागू की जाए. उनका तर्क यह है कि इससे तबादलों के खेल पर रोक लगेगी क्योंकि प्रभाग स्तर पर भर्ती होने वाले को पता होगा कि उसे वहीं रहना है.हरक सिंह रावत की इच्छा पूरी करने के लिए राज्य अधीनस्थ वन सेवा नियमावली में संशोधन करना होगा जिसके लिए कैबिनेट की मंजूरी लेनी होगी. कैबिनेट तो दूर की बात वन विभाग के अधिकारी ही इससे सहमत नहीं है.

न्यूज़ 18 के पास 28 अक्तूबर को प्रमुख वन संरक्षक राजेंद्र कुमार का वन और पर्यावरण सचिव को भेजे पत्र की कॉपी है जिसमें वन मंत्री के अहसमति वाले सभी बिंदुओं को एक-एक करके नकार दिया गया है.

आइए एक नज़र डालते हैं वन मंत्री की आपत्तियों और प्रमुख वन सरंक्षक के उनके जवाब पर…

  1. वन मंत्री को आपत्ति है कि अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 25 वर्ष कम है, इसे बढ़ाया जाए.

इसके जवाब में पीसीसीएफ उत्तराखंड पुलिस का हवाला देते हुए लिखते हैं- पुलिस में आरक्षी भर्ती हेतु 18 से 25 वर्ष आयु सीमा निर्धारित की गई है. वन विभाग के आरक्षियों को पुलिस से भी ज्यादा दूरस्थ, दुर्गम क्षेत्रों में कार्य करना होता है. अत़: वन आरक्षियों के लिए 18 से 25 वर्ष की आयु सीमा उचित है. विभाग ने तर्क के पक्ष में 30 जनवरी 2016 को प्रकाशित पुलिस विभाग की एक विज्ञप्ति भी अटैच की है.

  1. वन मंत्री को विज्ञान व कृषि विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण की बाध्यता पर आपत्ति है और वह इसमें ढील देकर सभी विषयों को शामिल करवाना चाहते हैं और योग्यता भी दसवीं ही रखने के पक्षधर हैं ताकि ज़्यादा युवाओं को मौका मिले.

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