शंकरगढ राजभवन प्रांगण में लगा खादी ग्रामोद्योग व हस्तशिल्प प्रदर्शनी का मेला

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प्रयागराज। शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत राजा महेंद्र प्रताप सिंह के राजभवन प्रांगण में खादी की पहचान को मजबूती देने और उसको बढ़ावा देने के लिए पीयूष ग्रामोद्योग सेवा समिति स्वदेशी इंडिया फाउंडेशन की ओर से 15 दिवसीय ‘खादी उत्सव-2018’ का आगाज शंकरगढ में हुआ। जिसका शुभारंभ शुक्रवार को मुख्य अतिथि राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने महात्मा गांधी जी की प्रतिमा को माल्यार्पण कर, फीता काटकर किया। जिसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में शंकरगढ ब्लाक प्रमुख भारत सिंह, एवम् अतिथि के रूप में सुधा गुप्ता, अमरेन्द्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि ने प्रदर्शनी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खादी के उत्पादों को घर-घर तक पहुंचाना है। जिससे कि खादी ग्रामोद्योग व हस्तशिल्प प्रदर्शनी के प्रयास से अधिक से अधिक बेरोजगारों को रोजगार दिया जा सके। शंकरगढ स्थित राजभवन परिसर में स्वदेशी हस्तशिल्प खादी ग्रामोद्योग व प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें कुल लगभग 65 स्टॉल लगाए गए हैं। जिसमें उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, बंगाल और जम्मू-कश्मीर के भी स्टॉल सजे हैं।
इन स्टॉलों पर ऊनी शाल, सिल्क की साडिय़ां, सूती खादी के वस्त्र, कंबल, कुर्ता, गद्दा, रजाई, चादर, सदरी, गमछा, कारपेट के अलावा सिल्क, मटका, तोसा सिल्क, गरद, मूंगा सिल्क, कटिया, कश्मीर की हस्तशिल्प सूती, ऊनी, पश्मीना शाल व अन्य ऊनी वस्त्र, मधुबनी बिहार की मसलिन खादी, पश्चिम बंगाल की चंदेरी साड़ी प्रदर्शनी की शोभा बढ़ा रही है। प्रदर्शनी में ग्रामोद्योग उत्पादों में जैम, जेली, अचार, मुरब्बा, अगरबत्ती, नमकीन, फर्नीचर, आलमारी, बक्सा, आयुर्वेदिक औषधि, दर्द निवारक तेल आदि भी उपलब्ध हैं।
खादी बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक पाण्डेय ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराना, विपणन में सहायता और बिक्री के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रदर्शनी में दोपहर 12 से रात 8 बजे तक खरीददारी की जा सकती है। यह स्वदेशी शिल्प बाजार शंकरगढ़ के राजभवन में 14 दिसंबर से माह के अंत तक चलेगा।

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