खुलासा : एक शख्स 6 महीने तक लाश के साथ कमरे में यह करता रहा, जानकर कांप जाएगी आपकी रूह

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गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह शहर में एक शख्स 6 महीने तक अपने पिता की लाश के साथ कमरे में रहता रहा। वह अपने पिता को जिंदा करने की तमाम कोशिशें करता रहा। इसमें उसकी मां व दो बहनें भी उसका साथ दे रहीं थीं। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब  प्रशांत की मां के हाथ से उस रसायन की बोतल गिर गई जिसका लेप वह शव पर लगाता था। बस इससे भड़का प्रशांत अपनी मां की बेरहमी से पिटाई कर घर के बाहर नाला में धकेलने जा रहा था। उसने अपनी बहनों को भी पीटा। मां व दोनों बहनों ममता कुमारी एवं गुड़िया सिन्हा की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े। घर के अंदर पहुंचे तो कमरे में शव को देखा। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी विनय कुमार राय मौके पर पहुंचे।

घटना ने पूरे इलाके के लोगों को सन्न कर दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है। प्रशांत की मां व दोनों बहनों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। इस मामले में डीएसपी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि मौत स्वभाविक भी हो सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। शव सड़ गल गया है। तांत्रिक एवं उसकी मां व बहनों के बयानों में काफी विरोधाभास है। पुलिस जांच कर रही है। मालूम हो कि प्रशांत कुमार विज्ञान संकाय से स्नातक उत्तीर्ण है।

स्थानीय लोगों का कहना है इसी साल जनवरी में ही मृतक विश्वनाथ की तबीयत खराब होने की जानकारी उन्हें मिली थी। इसके बाद से किसी ने विश्वनाथ को नहीं देखा था। जब भी उसके घरवालों से विश्वनाथ के संबंध में पूछताछ की जाती तो घरवाले कहते थे कि उनका इलाज चेन्नई के अस्पताल में चल रहा है। पड़ोसियों ने कहा कि 6 महीने से विश्वनाथ के घर से लगातार दुर्गंध आ रही थी।जिसकी वजह से उन्हें अगरबत्ती जलानी पड़ी थी।

मृतक की बेटी ममता के पास ट्यूशन पढ़ने के लिए आने वाले बच्चे जब घर में दुर्गंध की बात कहते थे तो बच्चों को मारपीट की धमकी दी जाती थी। उनसे कहा जाता था कि नाले में चूहा मरा होगा उसी की दुर्गंध होगी। बड़े बच्चे जब कहते कि असहनीय दुर्गंध इंसान के शव के गलने जैसी है तो उन्हें धमकाया जाता। अत्यधिक बदबू के कारण दो दिन पहले कुछ बच्चों ने ट्यूशन पढ़ना छोड़ दिया था। अपने घर में परिजनों को भी बताया था। बच्चों के परिजनों से घर वालों ने हवन पूजन की महक की बात कह कर उनको बरगला दिया।

लोगों का कहना था कि उन्हें शक तो था कि विश्वनाथ प्रसाद अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं मिल रहा था। पुलिस के मुताबिक प्रशांत लगभग 6 महीनों से अपने पिता विश्वनाथ की डेड बॉडी को अपने घर में रखे हुए था।

मृतक की पत्नी अनु कुमारी सिन्हा का कहना है कि पति की मौत होने के बाद उसका बेटा बार-बार कहता था कि वह अपने पिता को जीवित कर देगा। जब उसके घर के लोग इसकी सूचना मुहल्ले के लोगों को देने की बात करते थे तो प्रशांत उनके साथ मारपीट भी करने लगता। अनु कहती है कि उसे डर था कि पति की मौत के बाद उसका बेटा भी कहीं आत्महत्या नहीं कर ले। इसलिए उसने इस घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। हालांकि अनु यह भी कहती है कि मौत के कई माह तक शव को लेकर प्रशांत घर नहीं आया था।

 

विश्वनाथ के पुत्र और आरोपी प्रशांत का कहना है कि उसे पता था कि उसके पिता मर चुके हैं, लेकिन याद रखने के लिए उन्होंने अपने पिता के शव को रखा था। प्रशांत का कहना है कि वह पूजा करता था लेकिन अब पूजा नहीं करता। उसका कहना है कि उसे अपने पापा से बहुत प्रेम था और वह अपने पापा के बगैर नहीं रह सकता है। तांत्रिक प्रशांत का दावा है कि अभी भी वह अपने मृत पिता को तंत्र-मंत्र से जिंदा कर सकता है। किस मंत्र से जिंदा करेंगे, इस बात पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। कहा कि यह गोपनीय मंत्र है।

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