फिर उमडा भव्य व दिव्य कुम्भ के स्नान पर्व पर आस्था का जनसैलाब
महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर पूर्व की भांति व्यापक रहीं व्यवस्थाएं
मेला क्षेत्र के विभिन्न स्नान घाटों पर देर शाम तक होता रहा स्नान
शाम 5 बजे तक लगभग 1 करोड़ 10 लाख से अधिक श्रद्वालुओं ने लगाई आस्था एवं पुण्य की डुबकी
कुम्भ/प्रयागराज/ 4 मार्च 2019/सम्पूर्ण विश्व में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले इस कुम्भ-2019 के महाशिवरात्रि पर्व पर आज कुम्भ के विभिन्न घाटों पर लगातार स्नान होता रहा। मेला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज शाम 5 बजे तक लगभग 1 करोड़ 10 लाख से अधिक श्रद्वालुओं ने आस्था एवं पुण्य की डुबकी लगाई। श्रद्वालुओं का आगमन रविवार की सुबह से ही आरंभ हो गया था। आज प्रातः से ही श्रद्वालुओं का कुम्भ के विभिन्न मार्गो पर आगमन देर शाम तक अनवरत जारी रहा। संयोग से इस बार महाशिवरात्रि सोमवार को पड़ी है तथा इस भव्य और दिव्य कुम्भ के आखिरी स्नान पर्व होने के कारण भी श्रद्वालुओं की अपार भीड कुम्भ क्षेत्र में पहुंची।
आज कुम्भ-2019 के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ कुम्भ मेला क्षेत्र के विभिन्न स्नान घाटों पर उमड़ी। भोर से ही गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी तटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। स्नान को लेकर मेला प्रशासन द्वारा पूर्व स्नान पर्वो की भांति सुरक्षा के व्यापक बन्दोबस्त किये गये। स्नान घाटों पर महिला पुलिस से लेकर पैरामिलिट्री फोर्स भी मुस्तैद रही। देश के अलग-अलग कोने से पहुंचे श्रद्वालु संगम में स्नान पश्चात अपने-अपने गंतव्यों को रवाना भी होते रहे। संगम में स्नान के बाद स्नानार्थी गऊ दान व विभिन्न अनुष्ठान कर पुण्यार्जन की कामना की। कुंभ में करीब आठ किलोमीटर के दायरे में फैले 40 घाटों पर इस स्नान पर्व पर पुनः एक बार फिर ़ श्रद्धालुओं के आस्था का सैलाब उमड़ा। इस दौरान कुम्भ क्षेत्र में माॅ गंगे के जयघोष के साथ ही हर-हर महादेव के नारे भी गुंजायमान थे। स्नानार्थियों के वापसी पर उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिये मेला प्रशासन ने व्यापक बन्दोबस्त किये थे। स्नानार्थियों को किसी भी तरह की कोई असुविधा न हो इसके लिये मेला क्षेत्र में तैनात पुलिस बल के साथ वालंटियर्स भी बड़े ही सौम्य और शिष्ट भाव से मार्गदर्शन करते रहे। मेलाधिकारी, डी.आई.जी./एस.पी. कुम्भ सहित समस्त अधिकारियों एवं पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स के जवान लगातार निगरानी करते रहे। इसके अतिरिक्त श्रद्वालुओं के लिये निःशुल्क शटल बसों का संचालन किया गया था। जो कि पार्किंग स्थलों से परेड मैदान के निकट तक स्नानार्थियों/श्रद्वालुओं को ले आ-जा रही थी।
विकास कुमार गौतम की रिपोर्ट
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