महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन पर आधारित ईरानी फिल्म ‘मुहम्मद दी मेसेंजर ऑफ गॉड’ (Muhammad: The Messenger of God) पर प्रतिबंध लगाने को लेकर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि उनके पास फिल्म के खिलाफ सूफी सुन्नी संगठन रज़ा एकेडमी (Raza Academy) की तरफ से शिकायत आई है।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने केंद्र को खत लिखकर मांग की है कि वह फिल्म ‘मुहम्मद: द मैसेंजर ऑफ गॉड’ का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारण रोके। शहर के एक संगठन ने इस संबंध में शिकायत दी है।
Maharashtra Home Dept writes to Central govt with a request to stop screening of the film “Muhammad: The Messenger of God” which is scheduled to be released on digital platform on July 21. The request has been made after receiving a complaint from Raza Academy,a Mumbai based org. pic.twitter.com/O6nRKjYwYo
— ANI (@ANI) July 15, 2020
सुन्नी संगठन रज़ा एकेडमी ने इस सबंध में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कैबिनेट मंत्री सूचना और प्रौद्योगिकी को पत्र लिख इस फिल्म को बैन करने के साथ ही यूट्यूब सहित फेसबुक, इन्स्टाग्राम जैसे सभी डिजिटल प्लैटफ़ार्म पर इसे बैन करने और इसका यूआरएल ब्लॉक करने के लिए पत्र लिखा है।
गृह मंत्री देशमुख ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत इस फिल्म पर बैन लगाने की मांग की जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो। इसमें कहा गया कि रजा अकादमी नाम के संगठन ने प्रदेश की साइबर सेल को दी गई एक शिकायत में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्म के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। फिल्म का प्रसारण 21 जुलाई को होना है।
Raza Academy Demand To Stop The Distribution Of The Flim Muhammad The Messenger Of God Based On The Holy Prophet Of Islam…#BoycottFilmOnProphet#BoycottFilmOnProphet #BycottFilmOnProphet pic.twitter.com/90W7pM6DEa
— Kaif Ali Khan Qadri (@KaifAli05857839) July 12, 2020
इसके साथ ही पत्र में अपील की गई है कि यूट्यूब, फेसबुक जैसे सभी प्लैटफॉर्म्स को इसे लेकर निर्देश जारी किए जाएँ। शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह फिल्म धार्मिक भावनाओं को आहत करेगी और इससे सामाजिक विद्वेष फैल सकता है। इस फिल्म को लेकर देशभर के मुस्लिमों में नाराजगी देखी गई है। दरअसल, फिल्म में पैगंबर हजरत मुहम्मद के किरदार को फिल्माया गया है। जबकि, इस्लाम में पैगंबर हजरत मुहम्मद के किसी भी तरह के चित्र बनाने की इजाजत नहीं है।
यह फिल्म छठी सेंचुरी पर आधारित है और इसकी कहानी पैगंबर मुहम्मद के बचपन के इर्द-गिर्द घूमती है। बताया जा रहा है कि ईरानी सिनेमा की यह अब तक की सबसे बड़े बजट की फिल्म है। फिल्म का डायरेक्शन माजिद मजीदी ने किया है।
Leave a Reply