जिला अस्पताल में बने जर्जर आवासों पर कार्यवाही

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जिला अस्पताल उर्सला में बने सरकारी जर्जर आवासों को खाली कराने के लिए प्रबंधन अब पुलिस का सहारा लेगी। शासनादेश के बावजूद कड़ी हिदायत के बाद कर्मचारी जर्जर आवासों को खाली न करके उसी में रहना पसंद कर रहे हैं।

गाजियाबाद के श्मशान घाट में हुई घटना के बाद शासन ने ऐसे सरकारी आवासों को चिन्हित कर धवस्तीकरण करने के निर्देश दिए है, जो पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने जिला अस्पताल उर्सला में बने सरकारी जर्जर आवासों को खाली कराने का पत्र अस्पताल प्रबंधन को जारी किया था। तांकि दूसरी गाजियाबाद की घटना न दोहराई जाये। यहां के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने सभी कर्मचारियों को जर्जर आवासों को तत्काल खाली करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कोई भी कर्मचारी ने इसे संज्ञान नहीं लिया है।

कर्मचारियों की दृढ़ता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने अब पुलिस बल से जर्जर आवासों को खाली करने का फैसला लिया है।

इस संबंध मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल निगम का कहना है कि अस्पताल परिसर में बने सरकारी आवासों में 20-25 कर्मचारी रहते हैं। इसके अलावा जो भी लोग रह रहे है उन्होंने अवैध तरीके से निर्माण कर रह रहे हैं। जर्जर आवासों को खाली कराने के लिए पहले ही स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से आदेश आ चुका है। प्रबंधन से सबको अवगत भी कराया जा चुका है, लेकिन अवैध रुप से रहने वाले लोग खाली नहीं कर रहे हैं। जरुरत पड़ी तो पुलिस का सहारा लेकर ऐसे लोगों को हटाया जाएगा।

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