बीजेपी से क्यों नाराज मुस्लिम समाज

राजनीति: साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने को है। विपक्ष बीजेपी को हराने के लिए एकजुटता का मंत्र अपना रहा है। लेकिन बीजेपी जमीनी स्तर पर स्वयं को मजबूत करने की कवायद में जुट गई है। राजनीतिक विशेषज्ञ का कहना है वैसे तो बीजेपी का वोट बैंक फिक्स है हिन्दू बीजेपी के समर्थन में दिल खोलकर खड़ा है। लेकिन वर्तमान चुनाव में बीजेपी के लिए अगर कोई समस्या बना हुआ है तो वह है मुस्लिम समाज। बीजेपी भली भांति जानती है कि मुस्लिम वोट बैंक अब कांग्रेस के पक्ष में रुझान दिखा रहा है यदि बीजेपी को मुस्लिम समर्थन नहीं मिला तो आगामी चुनाव में बीजेपी को इसके लिए समस्या से जूझना पड़ सकता है।

मुस्लिम समाज को बीजेपी से जोड़ने हेतु बीजेपी द्वारा मोदी मित्र योजना को चलाया गया है इस योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक  मुस्लिम लोगों को बीजेपी से जुड़ना और उनको केंद्र की योजनाओं से अवगत करवाना है। यह योजना उत्तर प्रदेश के देवबंद से शुरू की गई है। अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा इस योजना का नेतृत्व किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि योजना के संचालना हेतु देवबंद चुना गया इसका अमुख कारण यह भी है कि यह इस्लामिक केंद्र के रूप में जाना जाता है. इस योजना के तहत लोगों को सर्टिफिकेट भी दिया जा रहा है और केंद्र की योजनाओ से मुस्लिम समाज को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है .

बीजेपी से क्यों नाराज मुस्लिम समाज :

मुस्लिम समाज बीजेपी से काफी रुष्ट रहता है .मुस्लिम का मनना है कि बीजेपी के नेतृत्व में देश विभाजनकारी नीति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है .समाज में मुस्लिम के साथ दोहरा व्यवहार हो रहा है, मुस्लिम परिवार को केंद्र की योजनाओं का सुनियोजित लाभ नही मिलता और देश में इस्लाम विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है .मुस्लिम बीजेपी की कट्टर हिन्दू नीति से भी असंतुष्ट है, मुस्लिम समाज का कहना है कि भाजपा सिर्फ हिन्दू हितैसी है बीजेपी ने कभी मुस्लिम हित की बात नहीं की है .भाजपा का उद्देश्य देश को हिन्दू पुरोधा देश बनाना है .

हालाकि बीजेपी मुस्लिम समाज के इन दावों को खारिज करती है और लगातार यह कहते नजर आती है कि बीजेपी ने देश हित हेतु कार्य किया है भाजपा का उद्देश्य सबका साथ सबका विकास है.

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