देखें वीडियो में अविस्मरणीय पल : PM मोदी ने कुंभ में लगाई डुबकी, सफाई कर्मचारियों के पांव पखारे !

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पीएम नरेंद्र मोदी नें संगम में डुबकी लगाई। उसके बाद वह गंगा पंडाल पहुंचे। जहां उन्होंने 5 स्वच्छा कर्मियों के पैर धोए। पैर धोने के बाद उन्होने कहा कि, आज जिन सफाईकर्मी भाईयों और बहनों के चरण धुलकर मैने वन्दना की है, वो पल मेरे साथ रहेगा जीवनभर रहेगा। उनका आशीर्वाद, उनका स्नेह आप सभी का आशीर्वाद मुझपर ऐसे ही बना रहे, ऐसे ही मैं आपकी सेवा करता रहूं, यही मेरी कामना है।

पीएम मोदी ने सफाईकर्मियों के पांव पखार कर सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया। कल्पना में भी ऐसे सम्मान की उम्मीद न करने वाले पांचों कर्मचारी निशब्द थे, बस नम आंखें ही बोल रहीं थीं। कुंभ नगरी के गंगा पंडाल के इस नजारे को देखकर अन्य सफाईकर्मियों तथा स्वच्छाग्रहियों की भावनाएं ऊफान पर थीं तो मोदी ने भी इसे अपने जीवन का सबसे अविस्मरणीय पल बताया।

पीएम मोदी कहा- प्रयागराज में जब कुम्भ लगता हैं तो सारा प्रयागराज ही कुम्भ हो जाता हैं। यहां के निवासी भी श्रद्धेय हो जाते है, प्रयागराज को एक खूबसूरत शहर के रूप में विकसित करने में और कुम्भ के सफल आयोजन करने में यहां के निवासियों ने भी पूरे देश को एक प्रेरणा दी है।
कुम्भ में उत्तर प्रदेश पुलिस ने जो भूमिका निभाई है उसकी भी चर्चा काफी हो रही है। आपका खोया-पाया विभाग तो बच्चों, बुजुर्गों को अपनों से मिला देता है। आपने अपने काम गंभीरता से किए हैं। इसलिए सुरक्षा में लगे लोग भी अभिनंदन के अधिकारी हैं।

पिछली बार मैं जब यहां आया था तो मैंने कहा था कि इस बार का कुंभ अध्यात्म, आस्था और आधुनिकता की त्रिवेणी बनेगा। आज मुझे खुशी है कि आपने अपनी तपस्या से इसको साकार किया है। तपस्या को तकनीक से जोड़कर जो अद्भुत संगम बनाया गया, उसने भी सभी का ध्यान खींचा है।
आजादी के बाद से हमेशा अक्षय वट को किले में बंद कर के रखा जाता था लेकिन अब अक्षय वट को सभी के लिए खोल दिया गया है। मुझे बताया गया है कि रोज लाखों लोग अक्षय वट और सरस्वती कूप के दर्शन कर पा रहे हैं।

नमामि-गंगे के लिए अनेक स्वच्छाग्रही तो योगदान दे ही रहे हैं, आर्थिक रूप से भी मदद कर रहे हैं। मैंने भी इसमें छोटा सा योगदान किया है। सियोल पीस प्राइज के तौर पर मुझे जो 1.30 करोड़ रुपए की राशि मिली थी, उसको मैंने नमामि-गंगे मिशन के लिए समर्पित कर दिया है।
मैं पहले भी प्रयागराज आता रहा हूं, लेकिन गंगा जी की इतनी निर्मलता पहले नहीं देखी है। गंगाजी की ये निर्मलता नमामि-गंगे मिशन की दिशा व सरकार के सार्थक प्रयासों का उदाहरण है। इस अभियान के तहत प्रयागराज में गंगा में गिरने वाले 32 नाले बंद कराए गए हैं।

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