गोरखपुर। यूपी के गोरखपुर में एसटीएफ ने चर्चित डॉक्टर डीपी सिंह को उसकी पूर्व पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात ये है कि घटना के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए 7 महीने तक आरोपी उसके सोशल मीडिया अकाउंट को अपडेट करता रहा. आरोपी डॉ. डीपी सिंह ने एसटीएफ की पूछताछ में यह बात कबूली कि राखी श्रीवास्तव उसे ब्लैकमेल कर रही थी, जिससे वो परेशान हो चुका था.।
आरोपी ने पुलिस की पूछताछ की कबूल किया कि उसने सात महीने पहले अपनी पूर्व पत्नी राखी को नेपाल के पोखरा में पहाड़ से खाई में ढकेल दिया। हत्या के बाद सजा से बचने के लिए कई महीनों पर राखी के सोशल मीडिया अकाउंट को अपडेट करता रहा ताकि उस पर किसी को शक न हो। हत्या के कई दिनों बाद वह घरवालों को गुमराह करता रहा।
लेकिन इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब राखी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। शुरूआती जांच में पुलिस ने राखी के दूसरे पति मनीष सिन्हा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, लेकिन पुलिस को कुछ हासिल नहीं हुआ। जांच एसटीएफ के पास पहुंची, तो पुलिस ने राखी के पहले पति डॉक्टर डीपी सिंह से पूछताछ की, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि राखी अपने पति मनीष सिन्हा के साथ फ्लाइट से नेपाल गई थी। फिर वह नेपाल में ही रुक गई और मनीष लौट आया। उसी दौरान राखी से बातचीत के बाद डॉ. डीपी सिंह भी अपने दो कर्मचारी प्रमोद कुमार सिंह तथा देशदीपक के साथ नेपाल पहुंच गए थे। राखी को लेकर तीनों पोखरा गए वहां उसे शराब में नशीली दवा पिलाकर तीनों ने मिलकर पहाड़ से ढकेल कर उसकी हत्या कर दी। डॉक्टर डी.पी सिंह ने अपनी पहली पत्नी को बिना बताए राखी से शादी की थी।
फिर जब डॉ. डीपी सिंह की पहली पत्नी ऊषा सिंह को इस बारे में जानकारी लगी तो विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद डॉक्टर ने राखी से किनारा कर लिया और साल 2016 में बिहार के रहने वाले मनीष सिन्हा से दूसरी शादी कर ली। पहली पत्नी से विवाद के बाद जब डॉक्टर ने फिर राखी से बातचीत शुरू की, तो उसने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। जिसके बाद डाक्टर के उसकी हत्या कर दी।
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