नई दिल्ली. नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। मोदी सरकार वेतन नियमों में बदलाव करने के लिए ससंद के मॉनसून सत्र में ‘कोड ऑन वेजेज’ का संशोधित प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव से नौकरी पेशा लोगों को परेशानी हो सकती है और इसका असर उनकी आने वाली इन हैण्ड सैलरी पर होगा। इस प्रस्ताव के तहत सरकार आपको मिलने वाले हाउस रेंट अलाउंस और एलटीए जैसे भत्तों की अधिकतम सीमा तय की जा सकती है।
अगर ऐसा हो जाता है तो हर महीने आपको मिलने वाली सैलरी घट सकती है और आपको टैक्स अधिक देना पड़ सकता है। दरअसल सरकार अपने इस प्रस्ताव से कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूती देना चाहती है।
जानकारी के अनुसार सरकार भत्तों की कुल रकम मूल वेतन के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं रखने का प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव से एक तरफ आपकी सैलरी तो घट ही जाएगी वहीं इस फैसले से पीएफ और बीमा में आपका योगदान बढ़ जायेगा, और टैक्स के नाम पर आपसे ज्यादा पैसे वसूले जायेंगे, जिससे आपकी इन हैण्ड सैलरी कम हो जाएगी।
सूत्रों की मानें तो मानसून सत्र में पेश होने इस प्रस्ताव में इसके अलावा भी कुछ नए बदलाव इसका हिस्सा बन सकते हैं। लेकिन, अभी यह साफ नहीं है कि कोड ऑन वेजेज के प्रस्ताव में क्या नए बदलाव किए गए हैं।
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