तिरुवनंतपुरम. भारत के केरल में स्थित प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के बावजूद महिलाओं को मंदिर में जाने नहीं दिया जा रहा। केरल के कई इलाकों में जमकर हिंसा हो रही है। जिसकों देखते हुए कई जगहों पर धारा 144 लागू कर दी गई है।
सबरीमाला संरक्षण समिति ने गुरुवार को 12 घंटे राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है। यह बंद श्रद्धालुओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया है। प्रदेश के निल्लकल, पंपा, एल्वाकुलम, सन्निधनम में धारा-144 लागू कर दी गई है।
इस इलाके में एकसाथ चार से ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकते हैं। केरल बीजेपी के नेता श्रीधरन पिल्लई ने मीडिया से कहा कि भगवान अयप्पा के भक्तों पर पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ उन्होंने पार्टी वर्कर्स से इस बंद में शामिल होने की अपील की है।
टीडीबी के पूर्व अध्यक्ष पी. गोपालकृष्णन ने कहा कि सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हम केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग करते हैं। वहीं, कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि कुछ मंदिरों की परंपरा का जरूर पालन किया जाना चाहिए।
मंदिर परिसर के बाहर तनाव का माहौल है। बुधवार को कई महिलाओं को भगवान अयप्पा के दर्शन किए बिना ही लौटा दिया गया था। यहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच हिंसक झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना कुछ महिला पत्रकारों को भी करना पड़ा। हिंसक प्रदर्शन में 10 मीडियाकर्मी घायल हुए और उनके उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया।
Leave a Reply