लखनऊ /जौनपुर। आबकारी विभाग के भी कारनामे अनोखे है। शराब लाइसेंसी के घर 12 किलो गांजा मिलना और उसको जिले पुलिस पकड़ती है आबकारी की टीम को इसकी सूचना भी नहीं होती है बिना किसी अधिकारी की मिलीभगत के कोई लाइसेंसी अपने घर से अवैध गांजे का कारोबार कैसे कर सकता है यह बड़ा प्रश्न चिन्ह है और इसका जवाब आबकारी विभाग के हेड ऑफिस में बैठे आला अधिकारियों को देना होगा यह घटना तो एक बानगी है जिससे पता चलता है आबकारी विभाग कितना सतर्क है।
जिला पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को छापेमारी कर शराब की दुकान के लाइसेंसी के घर से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया। मुख्य आरोपित फरार हो गया लेकिन उसके दो सहयोगी गिरफ्तार कर लिए गए। रामगढ़ बंधवा गांव निवासी बसंत कुमार जायसवाल की लाइसेंसी शराब की दुकान है।
वह चोरी-छिपे गांजा का धंधा करता था।वहीं जिला आबकारी अधिकारी पवन कुमार का कहना है कि इस अभियान में जिला पुलिस ने कार्रवाई करी है आबकारी विभाग होली पर कोई विशेष अभियान नहीं चला रही।थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को छापेमारी कर शराब की दुकान के लाइसेंसी के घर से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया। मुख्य आरोपित फरार हो गया लेकिन उसके दो सहयोगी गिरफ्तार कर लिए गए। रामगढ़ बंधवा गांव निवासी बसंत कुमार जायसवाल की लाइसेंसी शराब की दुकान है।
वह चोरी-छिपे गांजा का धंधा करता था। रविवार की शाम थानाध्यक्ष बालेंदु यादव ने मुखबिर की सूचना पर बसंत जायसवाल के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान एक पेटी गांजा बरामद हुआ। बसंत जायसवाल तो फरार हो गया लेकिन उसके दो सहयोगी राकेश व प्रेमचंद्र जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजा करीब 12 किलोग्राम है।
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