धर्मशाला। प्रदेश सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों विशेषकर कमजोर वर्गों के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि हर वर्ग को विकास एवं उन्नति के समान अवसर उपलब्ध हों। गत दो वर्षों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यकों के कल्याण और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं।
कांगड़ा जिला में इस वित्तिय वर्ष में 11893 नए पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में लाया गया है। इस तरह जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों की संख्या पूर्व में 1,00,186 लाभार्थियों से बढ़कर 1,12,079 हो गई है। जिला कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक पेंशन योजना के अन्तर्गत 01 अप्रैल, 2019 से 30 दिसम्बर, 2019 तक 1,12,051 पात्र व्यक्तियों को लगभग 110 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं।
गृह निर्माण अनुदान योजना के अन्तर्गत पात्र परिवारों को नया मकान बनाने के लिए मिलने वाली अनुदान राशि 1 लाख 30 हजार रुपए तथा मकान की मरम्मत के लिए 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश सरकार ने मंत्रीमंडल की बैठक में गृह निर्माण अनुदान योजना के अन्तर्गत पात्र परिवारों को मिलने वाली अनुदान राशि को 1 लाख 30 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपए तथा मकान की मरम्मत के लिए 25 हजार रुपए से बढ़ाकर 35 हजार रुपए करने का निर्णय लिया है।
कांगड़ा जिला में गृह निर्माण अनुदान योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के समस्त पात्र लोगों के उत्थान के लिए कल्याण विभाग के माध्यम से वर्तमान वित्त वर्ष में 31 दिसम्बर, 2019 तक 4 करोड़ 21 लाख 5 हजार रुपए व्यय कर 321 पात्र लोगों को लाभान्वित किया गया है।
कांगड़ा जिला में वर्ष 2019-20 में 31 दिसम्बर, 2019 तक 289 दिव्यांग छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में 25 लाख 49 हजार 875 रुपए की राशि वितरित की गई। जिला में अनवर्ती कार्यक्रम के अन्तर्गत अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के 526 लड़कियों/महिलाओं को सिलाई मशीन की खरीद पर 9 लाख 46 हजार 800 रुपए की राशि 31 दिसम्बर, 2019 तक खर्च की गई है।
जिला में राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अन्तर्गत 289 पात्र परिवारों को 57 लाख 80 हजार रुपए 31 दिसम्बर, 2019 तक वितरित किए गए हैं। अपंग विवाह अनुदान योजना के अन्तर्गत 31 दिसम्बर, 2019 तक 20 पात्र व्यक्तियों को 6 लाख 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए गए हैं। इसी तरह अर्न्तजातीय विवाह योजना में भी 31 दिसम्बर, 2019 तक 99 लाभार्थियों को 49 लाख 50 हजार रुपए की राशि वितरित की गई है।
अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के अन्तर्गत दर्ज हुए 30 पुलिस केसों में 15 लाख 45 हजार रुपए की राहत राशि 31 दिसम्बर, 2019 तक वितरित की गई।
अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों से संबन्धित अभ्यर्थियों या जिनकी वार्षिक आय दो लाख से कम है, को कम्पयूटर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कम्पयूटर एप्लीकेशन एवं समवर्गी क्रियाकलापों में प्रशिक्षण एवं दक्षता योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के अन्तर्गत ऐसे अभ्यर्थियों को 1200 रुपए प्रतिमाह प्रशिक्षण शुल्क तथा प्रशिक्षण के दौरान 1000 रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सफल उम्मीदवार को छह माह के लिए सरकारी/गैर-सरकारी संस्थानों में कम्पयूटर एप्पलीकेशन में प्रवीणता प्राप्त करने के लिए रखा जाता है तथा इस अवधि के दौरान उसे 1500 रुपए प्रतिमाह की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस योजना के अन्तर्गत 31 मार्च, 2019 तक 417 छात्र व छात्राओं पर 37 लाख 92 हजार 138 रुपए खर्च किए गए हैं।
जिला कल्याण अधिकारी असीम सूद का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए चलाई गई कल्याणकारी योजनाएं वरदान साबित हुई हैं। इन योजनाओं की सहायता से न केवल गरीब एवं कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है, बल्कि उनको एक सम्बल भी मिला है। समाज के पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए सरकार द्वारा अनेक अहम् निर्णय लिए गए हैं। सरकार का हर निर्णय जन कल्याण की भावना से प्रेरित है और जनता के व्यापक हितों को साधता है।
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