डेस्क। विवादित ज्ञानवापी मामले के बाद मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मामले को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। मुथरा कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग वाले दायर मुकदमे को अनुमति दे दी है। अब ईदगाह मस्जिद को हटाने की याचिका पर अदालती कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है। जानकारी के लिए बता दें कि मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से बिल्कुल उसी तरह सटी हुई जैसे राम मंदिर से बाबरी और विश्वनाथ मंदिर से ज्ञानवापी।
यह मुकदमा एक हिंदू संगठनों के द्वारा दायर की गई है जिसको कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। याचिका में भगवान कृष्ण विराजमान की ओर से श्री कृष्ण जन्म स्थान की 13.37 एकड़ जमीन वापस दिलाने की अदालत से सामने गुहार लगाई गई है।
इस याचिका में दावा किया गया है कि इसके बड़े हिस्से पर करीब चार सौ साल पहले औरंगजेब के आदेश से मंदिर अस्त व्यस्त कर के केशवदेव टीले और भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था और उसकी जगह पर शाही ईदगाह मस्जिद बनाई गई।
दायर की गई याचिका में दावा किया गया है कि शाही ईदगाह मस्जिद 1669-70 में मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर कृष्ण जन्मभूमि के पास बनाया गया था। बता दें कि रंजना अग्निहोत्री, हरिशंकर जैन व विष्णु जैन इस याचिका के याचिकाकर्ता हैं।
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