सेक्स एडिक्ट ‘ड्रग लॉर्ड’ जेल में महिला कैदियों का करता था रेप, बिताता था आलीशान जिंदगी, नई किताब में हुआ खुलासा

मैक्सिको सिटी : मैक्सिको का इतिहास ड्रग माफियाओं से भरा हुआ है। पाब्लो एस्कोबार से लेकर एल चापो ने अपने काले धंधे की शुरुआत यहीं से की थी। एल चापो को ‘ड्रग लॉर्ड’ कहा जाता था, जिसे लेकर एक नई किताब में चौंकाने वाला दावा किया गया है। किताब दावा करती है कि जेल में एल चापो अलग-अलग महिलाओं के साथ संबंध बनाता था जब भी उसकी इच्छा होती थी। वह अपने लिए ड्रग्स और वियाग्रा मंगवाता था। इतना ही नहीं वह अपनी जेल की कोठरी में महिला कैदियों के साथ बलात्कार भी करता था।

एल चापो एक समय पर मोस्ट वांटेड क्रिमिनल था। उसे ड्रग्स की दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति माना जाता था। डेलीस्टार की रिपोर्ट के मुताबिक एल चापो अपने साथी ड्रग तस्कर हेक्टर लुइस पाल्मा सालाजार के साथ मुकाबला करता था कि कौन ज्यादा देर तक सेक्स कर सकता है और अधिक से अधिक से महिलाओं के साथ संबंध बना सकता है। पत्रकार एनाबेल हर्नांडेज की किताब ‘एम्मा एंड द अदर नार्को वूमेन’ में ये हैरतंगेज खुलासे किए गए हैं। इसमें बताया गया है कि एल चापो अपनी कोठरी में बेहतरीन रेस्तरां से खाना ऑर्डर करता था।

किताब में उन्होंने लिखा, ‘पुंटे ग्रांडे जेल में रहने के दौरान एल चापो ड्रग और सेक्स एडिक्ट था। वह बाहर से वैश्याओं को मंगवाता था और जब यह संभव नहीं हो पाता था तो जेल में काम करने वाली नर्सों, सफाईकर्मियों और बावर्चियों को संबंध बनाने के लिए पैसे देता था।’ उन्होंने बताया कि एल चापो की कई प्रेमिकाएं थीं। इसमें 23 साल की एक महिला भी शामिल है जिसे एल चापो ने गर्भवती कर दिया था और उसे गर्भपात के लिए मजबूर होना पड़ा था। किताब के मुताबिक एक अन्य महिला कैदी, जिसने एल चापो को इनकार कर दिया था, को बेरहमी से पीटा गया और बलात्कार किया गया।

हर्नान्डेज ने लिखा कि दूसरे ड्रग डीलर एल चापो को लगातार पैसे भेजा करते थे जिसकी वजह से वह जेल में एक आलीशान जिंदगी बिताता था और इसके लिए जेल कर्मचारियों को रिश्वत देता था। ड्रग्‍स की तस्‍करी के बेताज बादशाह एल चापो का जन्‍म उत्‍तरी-पश्चिमी मैक्सिको के सिनालोआ प्रांत में बेहद गरीब परिवार में हुआ था। एल चापो का संगठित अपराध कारोबार एक समय में इतना आगे बढ़ गया था कि वर्ष 2009 में फोर्ब्‍स पत्रिका ने उसे दुनिया का 701वां सबसे अमीर शख्‍स करार दिया था।

फोर्ब्‍स के मुताबिक एल चापो के पास कुल करीब 1 अरब डॉलर की संपत्ति थी। एल चापो की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोरोना वायरस महामारी के प्रतिबंधों के बाद भी मैक्सिको के राष्‍ट्रपति एड्रेज मैनुएल लोपेज ऑबरेडर ड्रग्‍स तस्‍कर के मां से मिलने पहुंचे थे। वह भी तब जब मैक्सिको के हेल्थ मिनिस्टर ने देश के 13 करोड़ नागरिकों से घर में रहने को कहा था ताकि कोरोना वायरस न फैले।

इस आदेश के 24 घंटे पूरे होने से पहले ही राष्ट्रपति ऑबरेडर ने सुझाव की अनदेखी कर बादिरागुआतो का दौरा किया जो कि गैंगस्टर एल चापो का गृह शहर है। विवाद तब और बढ़ गया जब एक विडियो सामने आया जिसमें राष्ट्रपति एल चापो की मां मारिया से हाथ मिलाते नजर आए। वह कार में बैठी हुई थीं। राष्ट्रपति यह कहते हुए सुने गए कि आप अंदर ही रहिए मैं आपसे बाद में मिलूंगा। इस विडियो में एल चापो के परिवार के प्रतिनिधि जोस लुइस राष्ट्रपति के कंधे पर हाथ रखे हुए भी दिखे।

सिनालोआ में गरीबी में बचपन गुजारने वाले एल चापो को अपने पिता के हाथों शारीरिक प्रताड़ता झेलनी पड़ी थी और पिता की वजह से ही एल चापो ड्रग्‍स की तस्‍करी के धंधे में आया था। मात्र 5 फुट 6 इंच लंबा होने की वजह से ही उसे एल चापो कहा जाने लगा। उसका पूरा नाम जोकिन एल चापो गजमन है। उसका जन्‍म वर्ष 1957 में हुआ था। बचपन में एल चापो गांजा उगाने में अपने पिता की मदद करने लगा। इसके बाद एल चापो ने मैक्सिको के उभरते ड्रग लॉर्ड हेक्‍टर लुइस पाल्‍मा सालाजार के साथ काम करना शुरू किया और यहीं से उसकी किस्‍मत बदल गई।

उसने सिनालोवा से ड्रग्‍स को अमेरिका भेजने के लिए रास्‍ते बनाने में सालाजार की मदद की। वर्ष 1988 में एल चापो ने अपना खुद का कार्टेल बनाया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। बाद में वह सिनालोआ कार्टेल का चीफ बना जिसके बारे में कहा जाता है कि यह संगठन अमेरिका में सबसे ज्‍यादा मादक पदार्थों जैसे कोकिन, गांजा, हेरोइन आदि की तस्‍करी करता है। इसका नेटवर्क यूरोप तक फैला हुआ है। ये दोनों ही देश मादक पदार्थों के सबसे बड़े उपभोक्‍ता हैं। एल चापो वर्ष 2017 से अमेरिका की जेल में बंद है।

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