नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार के खिलाफ कोर्ट पहुंच गए हैं. एमजे अकबर ने महिला पत्रकार प्रिया रमाणी के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि का केस किया है. आपराधिक मानहानि यानी IPC 499, 500 में दो साल तक की सजा का प्रावधान है. इससे पहले कल विदेश दौरे से लौटने के बाद एमजे अकबर ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के लगे तमाम आरोपों से सिरे से खारिज कर दिया था. विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि रमानी ने एक साल पहले एक पत्रिका में लेख लिखकर उनके खिलाफ अभियान छेड़ा था.
अकबर ने कहा कि ‘हालांकि उन्होंने मेरा नाम नहीं लिया था क्योंकि वह जानती थीं कि यह गलत खबर है. हाल ही में जब पूछा गया कि उन्होंने मेरा नाम क्यों नहीं लिया तो उन्होंने एक ट्वीट में जवाब दिया कि कभी नाम नहीं लिया क्योंकि उन्होंने कुछ नहीं किया था.’ उन्होंने कहा कि ‘अगर मैंने कुछ नहीं किया, तो इसमें खबर कहां है और क्या है. कोई खबर नहीं है, यह तो शुरूआत में कबूल कर लिया गया था. लेकिन किसी ऐसी चीज के इर्दगिर्द अटकलों और आक्षेपों का अंबार लगा दिया गया जो कभी हुई ही नहीं.’
आपको बता दें कि कई प्रमुख समाचार पत्रों में काम कर चुकीं प्रिया रमाणी ने एमजे अकबर पर होटल के कमरे में बुलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने अक्टूबर 2017 के अपने एक लेख में उस अनुभव को साझा किया था. उन्होंने लिखा कि उनकी उम्र उस समय 23 साल थी और अकबर की 43 साल. संपादक ने उन्हें एक जॉब के इंटरव्यू के सिलसिले में मुंबई के एक होटल में बुलाया था, जहां वे अक्सर ठहरते थे. वे कहती हैं, “जब मैं वहां पहुंची, मुझे इंटरव्यू कम और डेट ज्यादा लगा. मुझे ड्रिंक ऑफर किया गया. हिंदी फिल्मों के गाने गए गए. बेड पर बैठने को कहा गया.’ रमाणी ने पिछले सोमवार को उस लेख के लिंक को ट्वीट कर कहा, “मेरा यह अनुभव एमजे अकबर के साथ रहा है. पहले मैंने उनका नाम नहीं दिया, क्योंकि मैं कुछ करना नहीं चाहती थी. लेकिन कई महिलाओं के साथ उत्पीड़न हुआ है, शायद वे भी अपने अनुभव को साझा करेंगी.’
एमजे अकबर ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा था कि ‘मेरे खिलाफ लगाए गये दुर्व्यवहार के आरोप झूठे और मनगढंत हैं. इन झूठे और बेबुनियाद आरोपों से मेरी छवि को अपूर्णीय क्षति पहुंची है. मैं इन आरोपों पर जल्द जवाब नहीं दे सका क्योंकि मैं विदेश की आधिकारिक यात्रा पर था.’ उन्होंने कहा कि ‘इस बात पर भरोसा करना भी अजीब लगता है कि उस छोटी सी जगह में कुछ हो सकता था और तिस पर भी पास में बैठे किसी सहकर्मी को पता नहीं चलेगा. ये आरोप झूठे, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं.’ एम जे अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि 2019 में होने वाले आम चुनावों से कुछ महीने पहले ‘मी टू’ तूफान क्यों उठा है? उन्होंने कहा कि‘आम चुनाव से पहले यह तूफान क्यों उठा है? क्या कोई एजेंडा है? आप ही फैसला करें.’
पत्रकार से नेता बने एमजे अकबर पर कम से कम 10 महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर चल रहे #MeToo कैंपेन के तहत यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. सभी आरोप तब के हैं जब एमजे अकबर मीडिया संस्थानों में ऊंचे ओहदे पर थे. प्रिया रमानी, गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजु भारती और शुतापा पॉल जैसी पत्रकारों ने अकबर पर आरोप लगाए हैं.
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