सातवें वेतन आयोग को मंजूरी देनेवाला पहला राज्य बना जम्मू एंड कश्मीर

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नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिश की मंजूरी दे दी है। एक अप्रैल से कर्मचारियों को रिवाइज्ड वेतन जारी किए जाएंगे। सरकार की घोषणा से राज्य के कर्मचारियों को एक बड़ी राहत मिली है। वित्तमंत्री सैयद अल्ताफ अहमद बुखारी ने नागरिक सचिवालय जम्मू में घोषणा करते हुए कहा कि कैबिनेट मीटिंग में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला लिया गया है। वित्तीय संसाधन न होने के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों को वचनबद्धता निभाते हुए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का फायदा पहुंचाने का निर्णय लिया है।

सातवें वेतन की सिफारिश लागू होने के साथ ही कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। लगभग पांच लाख सरकारी कर्मचारी और पैंशनरों को लाभ मिलेगा। फिलहाल कर्मचारियों को केवल इस महीने का संशोधित वेतन जारी किए जाएगे जबकि एरियर्स को उनके जी.पी. फंड अकाऊंट में डाले जाएंगे। वित्तमंत्री बुखारी ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के साथ जो वादा किया था, उसे निभाया है। वित्तमंत्री के अनुसार सातवें वेतन आयोग के लागू होने पर राजकोष में 4200 करोड़ का बोझ पड़ेगा।

वित्तमंत्री ने कहा कि वेतन विसंगतियों के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में समिति गठित करने को मंजूरी दी गई है। सरकार को वेतन विसंगतियों और व्यवसाय प्रगतियों की शिकायतें मिल रही थी जिसके चलते समिति के लिए कैबिनेट में हरी झंडी दे दी गई है। वित्तमंत्री के अनुसार क्लैरिकल कैडर में वेतन विसंगतियों की सबसे अधिक शिकायत थी। इसके अलावा इंजीनियरों व अन्य कैडरों में वेतन विसंगतियों को लेकर जो भी शिकायत होगी, उसे दूर करने के लिए समति बनाई है।

बुखारी ने आगे बताया कि कैबिनेट की बैठक में प्रशासनिक सुधार के लिए कार्यालयों में कामकाम व्यवस्थित करने के लिए अवधि तय कर दी है। अब कर्मचारियों को एक सप्ताह में कम से कम 40 घंटे तक काम करना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में लोगों के प्रति जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार ने ड्यूटी ऑवर को निर्धारित किया है।

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