[object Promise]
लखनऊ। पुलिस अब गांवों में चौपाल लगाकर आपसी झगड़े सुलझाने के साथ गुंडागर्दी पर अंकुश लगाएगी और अपराधियों की धरपकड़ की जाएगी। गांवों में प्रधान समेत 10-10 संभ्रांत व्यक्तियों की टीम गठित करके सामुदायिक पुलिसिंग शुरू कराई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि गांव में जरा सी बात पर आपस में झगड़ा करने के बाद लोग बरसों कचहरी के चक्कर काटते हैं। इससे धन के साथ काम का भी नुकसान होता है। गांव का झगड़ा गांव में सुलझाने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग का खाका तैयार किया गया है।
गांवों में प्रधान समेत 10 संभ्रांत व्यक्तियों की टीम गठित की गई है, जो लगातार बीट के उपनिरीक्षक, आरक्षी व चौकीदार के संपर्क में रहेगी और सप्ताह में एक बार बैठक करेगी। थाना प्रभारी भी टीम के सदस्यों से संपर्क बनाए रखेंगे।
टीम को गांव स्तर पर चल रहे विवादों की जानकारी करके बीट के उपनिरीक्षक, आरक्षी, चौकीदार व राजस्वकर्मी की मदद से निस्तारण कराने की जिम्मेदारी दी गई है। गंभीर विवाद का निस्तारण न होने की स्थिति में थाना प्रभारी को जानकारी देंगे।
सक्रिय टीम का होगा सम्मान
इसके अलावा गांव में आए संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखने के साथ थाना प्रभारी को जानकारी देंगे। शराब पीकर गुंडागर्दी, कमजोर लोगों को सताने, छेड़खानी करने वाले व्यक्तियों के बारे में थाना प्रभारी को जानकारी देने के साथ अभिभावकों को युवकों की करतूत बताकर अंकुश लगाएंगे। पहले हुए सांप्रदायिक विवादों और वर्तमान परिवेश के साथ असामाजिक तत्वों से थाना प्रभारी को अवगत कराएंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सामुदायिक पुलिसिंग के लिए गठित टीम को क्षेत्राधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक का सहयोग मिलेगा। सक्रियता के साथ अच्छी सेवा करने वाली टीम को राष्ट्रीय पर्व पर सम्मानित किया जाएगा।
ग्राम स्तर पर प्रधान समेत 10 लोगों की टीम को जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, संबंधित क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी के मोबाइल नंबर के साथ यूपी-100, वीमेन पॉवर लाइन, फायर सर्विस, चाइल्ड हेल्प लाइन, एंबुलेंस हेल्प लाइन व यातायात हेल्प लाइन के नंबर के साथ उनके कार्यों की जानकारी दी गई है। संकट काल में पुलिस को सूचना देने के साथ संबंधित सेवा का ग्रामीणों को लाभ दिलाएंगे।
Leave a Reply