जयराम महतो: झारखंड विधानसभा में एक नई शुरुआत

जयराम महतो: झारखंड विधानसभा में अनोखा प्रवेश और शपथ ग्रहण

झारखंड विधानसभा में पहली बार पहुँचे जयराम महतो ने अपने अनोखे अंदाज से सबका ध्यान खींचा है। उन्होंने विधानसभा में प्रवेश करने से पहले घुटनों के बल बैठकर माथा टेका, जो काफी चर्चा में है। आइये, जानते हैं इस विनम्र और सम्मानजनक कार्य के पीछे की कहानी और जयराम महतो के बारे में विस्तृत जानकारी।

विधानसभा में प्रवेश: एक अनोखा तरीका

जयराम महतो का विधानसभा में प्रवेश करने का तरीका वाकई में अनोखा था। उन्होंने विनम्रता से घुटनों के बल बैठकर माथा टेका, जिससे लोकतंत्र के प्रति उनके सम्मान और आस्था का परिचय हुआ। यह एक साधारण सी बात लग सकती है लेकिन इसमें गहरा भाव छिपा है। उन्होंने इस कार्य को धार्मिक स्थल की तरह सम्मान देने की भावना से किया, जहां जूते-चप्पल उतारकर प्रवेश किया जाता है। उनके इस विनम्रतापूर्ण कृत्य की कई लोगों ने प्रशंसा की। साथ ही इस प्रवेश की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं। कई मीडिया संगठनों ने जयराम महतो के इस अंदाज की तारीफ़ की है। यह कृत्य निश्चित रूप से उनकी व्यक्तित्व को दर्शाता है।

लोकतंत्र का मंदिर

जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत में विधानसभा को लोकतंत्र का मंदिर बताया। उन्होंने कहा कि यह देश के करोड़ों किसानों की आस्था से जुड़ा हुआ है, जिसकी रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। इस दृष्टिकोण से उन्होंने सदन में प्रवेश करते समय अपना विशेष सम्मान प्रदर्शित किया।

शपथ ग्रहण: एक और अनूठी पहल

शपथ ग्रहण के समय भी जयराम महतो ने बाकी विधायकों से अलग अंदाज अपनाया। उन्होंने शपथ लेते हुए कहा, ‘मैं जयराम महतो किरिया खाता हूं…’ ‘किरिया’ एक आंचलिक शब्द है जिसका अर्थ प्रतिज्ञा या वचन होता है। इससे उनके स्थानीय संस्कृति के प्रति लगाव झलकता है।

आंचलिक पहचान

यह कृत्य न केवल जयराम महतो की व्यक्तित्व का प्रमाण है बल्कि उनकी आंचलिक पहचान को भी दर्शाता है। उन्होंने शपथ ग्रहण के दौरान अपने इस तरीके से एक सांस्कृतिक सम्पदा को भी समाहित किया।

जयराम महतो: एक संघर्षशील नेता

जयराम महतो झारखंड के धनबाद जिले के मंतंद गांव के रहने वाले हैं। वे पिछले चार साल से भाषा, स्थानीयता और रोजगार के मुद्दों पर आंदोलन करते आ रहे हैं। उन्होंने 2023 में झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति (JBKSS) की स्थापना की, जिसे अब झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के रूप में जाना जाता है।

समाजसेवा का भाव

जयराम महतो ने अपने संघर्ष और राजनीति के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का संदेश दिया है। उनका विधानसभा में प्रवेश करने का अंदाज उनकी सादगी और विनम्रता को दर्शाता है, और इससे समाज पर उनका गहरा प्रभाव स्पष्ट है।

Take Away Points

  • जयराम महतो ने विधानसभा में प्रवेश करते समय और शपथ ग्रहण के दौरान अनोखा तरीका अपनाया, जिसकी व्यापक तारीफ हुई है।
  • उन्होंने विधानसभा को लोकतंत्र का मंदिर बताया और इसमें प्रवेश करते समय जूते उतारने की समानता प्रस्तुत की।
  • शपथ के समय उन्होंने ‘किरिया’ शब्द का उपयोग करके अपनी आंचलिक पहचान को दर्शाया।
  • वह पिछले चार साल से भाषा, स्थानीयता और रोजगार के मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं।
  • जयराम महतो के कार्य सादगी और विनम्रता का उदाहरण है और उनकी प्रतिबद्धता की गवाही देते हैं।

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