मुंबई। उद्धव ठाकरे के सीएम पद पर शपथ लेने के बाद महाराष्ट्र विधानसभा में भी फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है। उद्धव ठाकरे की सरकार ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया है। नई नवेली उद्धव ठाकरे सरकार को 288 सदस्यों वाली विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में विपक्षी दल बीजेपी के वॉक आउट के बाद सदन में 169 विधायकों ने एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना को समर्थन दिया है। महा विकास अघाड़ी को फ्लोर टेस्ट में बहुमत के लिए 145 विधायकों का आंकड़ा चाहिए था जिस आसानी से पार करते हुए तीनों दलों ने महाराष्ट्र में मिलकर सरकार बना ली है।
कांग्रेस के नेता अशोक चव्हाण ने उद्धव ठाकरे की सरकार का विश्वास प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का एनसीपी के नवाब मलिक और शिवसेना के सुनील प्रभु ने अनुमोदन किया था। विश्वास मत प्रस्ताव के तहत पहले सभी सदस्यों से राय जानी गई और उनकी गिनती भी हुई।
फ्लोर टेस्ट से पहले विकास अघाड़ी का दावा था कि उनके पास बहुमत की 146 विधायकों की संख्या से भी अधिक करीब 170 विधायकों का समर्थन है। चुनाव नतीजों में शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली जिनका कुल 154 बैठता है। देवेंद्र फड़णवीस की बीजेपी को साल 2019 विधानसभा चुनाव में 105 सीटों पर जीत और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी।
गुरुवार शाम उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ कांग्रेस- एनसीपी और शिवसेना के भी 6 विधायकों ने मंत्री पद पर शपथ ली। हालांकि, डिप्टी सीएम पद का पेंच अभी फंसा है। एनसीपी की मानें तो उन्होंने अभी तक उप मुख्यमंत्री के नाम पर विचार नहीं किया है। लेकिन तीनों दलों में विभाग बंटवारे की खबर आनी शुरू हो गई है। शिवसेना को शहरी विकास, पर्यावरण मिल सकता है तो एनसीपी को गृह और वित्त मंत्रालय का प्रभार और कांग्रेस को पीडब्ल्यूडी राजस्व विभाग मिल सकता है। वहीं एनसीपी को डिप्टी सीएम और कांग्रेस को विधानसभा स्पीकर पोस्ट मिलने की खबर है।
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