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गर्भपात कराने की मौजूदा समय सीमा 20 सप्ताह को बढ़ाकर 24 से 26 सप्ताह करने पर केंद्र विचार कर रहा है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष हलफनामे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कानून में संशोधन के लिए मार्च में मंजूरी के लिए अंतिम ड्राफ्ट विधि मंत्रालय को भेज दिया था।
हालांकि, विधि मंत्रालय ने नोट भेजकर कहा था कि चूंकि संसद का दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित है, ऐसे में नई सरकार के शपथग्रहण के बाद सभी हितधारकों के साथ परामर्श करने के बाद मामले पर गौर किया जाएगा।
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