रामगढ़ (कैमूर) । बिहार के कैमूर में एक दलित छात्रा की दुष्कर्म व हत्या को लेकर आक्रोशित लोगों ने जम कर तांडव मचाते हुए रामगढ़ थाने को दो घंटे के अंतराल पर दो-दो बार फूंक दिया. इसके साथ मोहनिया डीएसपी, इंस्पेक्टर, मेजर सहित एक दर्जन पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा.। इसके बाद डीएसपी को भीड़ ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। अब इस घटना का एक वीडियो वायरल हो गया है। इस बीच जोनल आइजी नैय्यर हसनैन खान ने कहा है कि डीएसपी के इलाज का खर्च पुलिस महकमा वहन करेगा।
खास बात यह रही कि उपद्रवियों के सामने कैमूर पुलिस पीठ दिखा कर भाग खड़ी हुई और उपद्रवी लगभग दो किमी तक उनका पीछा कर ईंट, पत्थर व लाठी-डंडे से पीटते रहे. सुबह से लेकर शाम तक जब उनकी इच्छा हुई, तब वे तांडव मचाते रहे।घटना के दौरान उत्तेजित भीड़ ने थाने पर भी हमला कर दिया। उसने थाने को आग के हवाले कर दिया तथा कई थाने की चार गाड़ियां भी फूंक दीं।
इसी दौरान भीड़ ने डीएसपी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। जब थाने की गाड़ी, रेकॉर्ड व अन्य सामान को जला कर खाक कर दिया और पुलिसकर्मियों को भी खदेड़ दिया, तो रामगढ़ के दुर्गा चैक पर लाश के साथ धरने पर बैठ गये. देर शाम खबर लिखे जाने तक मृत युवती के परिजन व आक्रोशित लोग हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े थे।
वीडियो में डीएसपी रघुनाथ सिंह रहम की गुहार लगाते दिख रहे हैं, लेकिन भीड़ उनपर लाठियों की बरसात कर रही है। घटना में उन्हें सिर व हाथ गंभीर चोटें आईं हैं। उनका हाथ भी टूट गया है। घायल डीएसपी का इलाज बनारस में चल रहा है। घटना के दौरान डीएसपी सहित एक सब इंस्पेक्टर व आधा दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।
इस बीच उपद्रव के दौरान घायल डीएसपी रघुनाथ प्रसाद सिंह के इलाज को लेकर बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार दुबे ने जोनल आइजी नैय्यर हसनैन खान से मुलाकात की है। आइजी ने इलाज पूरा होने तक एक सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को डीएसपी के साथ प्रतिनियुक्त करने का आदेश दिया है।
वे बेहतर इलाज सुनिश्चित कराएंगे। इलाज का खर्च पुलिस महकमा वहन करेगा। उत्पात व तनाव को बढ़ते देख पुलिस ने फायरिंग कर स्थिति पर काबू पाया। घटना को लेकर पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच पीडित परिवार से मिलने हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी कैमूर पहुंचे हैं।
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